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Home » बच्चों में आध्यात्मिक सद्गुणो के विकास का सशक्त माध्यम है निरंकारी बाल संत समागम: प्रभात रंजन

बच्चों में आध्यात्मिक सद्गुणो के विकास का सशक्त माध्यम है निरंकारी बाल संत समागम: प्रभात रंजन

Dr. Sanjay KumarBy Dr. Sanjay Kumar29/06/2025Updated:30/06/2025No Comments2 Mins Read
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बाल संत समागम को संबोधित करते अतिथि।

ओईनी न्यूज नेटवर्क।

समस्तीपुर । जोनल स्तरीय निरंकारी बाल संत समागम की अध्यक्षता करते हुए झारखंड के प्रचारक महात्मा प्रभात रंजन ने अपने प्रवचनों के माध्यम से सैकड़ो की संख्या में उपस्थित बाल संतो, उनके अभिभावकों सहित प्रभु प्रेमी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि निरंकारी बाल संत समागम का आयोजन बच्चों को सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आध्यात्मिक विचारधारा से जोड़कर मानवीयता की ओर प्रेरित करना है।

वर्तमान परिवेश में आधुनिक एवं वैज्ञानिक स्तरीय शिक्षण व्यवस्था जहां एक ओर बच्चों के वैज्ञानिक नजरिया को मजबूत आधार देता है तो वही दूसरी ओर ऐसे बाल संत समागम उनमें संतो, पीर, पैगंबरों के प्रति श्रद्धा, अपने से बड़ो, माता-पिता गुरुजनों के प्रति आज्ञाकारिता, अनुशासन, कृतज्ञता, प्रकृति के प्रति प्रेम, स्वच्छता, दूसरों के प्रति करुणा, आदि की भावना को समाहित करने का मजबूत माध्यम उन्हे गलत रास्तों पर जाने से रोकता है।

आज जहां इंसान सिर्फ मेरा भला हो जाय, इसके लिए वह अपने वैचारिक दृष्टिकोण में नफरत, निंदा, वैर, द्वेष, घृणा, असहिष्णुता से युक्त शत्रुता की भावना से निम्न से निम्न स्तर तक जाने में तनिक भी संकोच नहीं करता है। वहीं ऐसे बाल संत समागम बच्चों में संतोष, समर्पण, सम दृष्टि, सत्यनिष्ठा, सहनशीलता, कर्मशीलता, कर्मठ विचारधारा से युक्त विश्व बंधुत्व, एकत्व एवं भलाई की भावना को प्रज्जवलित करता है। ताकि जीवन की राह पर बढ़ती हुई नई पीढ़ियां भक्तिमय, प्रेम में शांति से भरे आनंददायक वातावरण में सांस ले सके।

ताकि उन्हें अभी से ही यह एहसास हो कि वास्तव में मानव का जन्म मानवीयता की भलाई के लिए हुआ है। वही इस अवसर पर मुखी महात्मा राजेश कुमार ने भी कहा की बाल संत समागम बच्चों के संपूर्ण विकास में एक मजबूत आधार है जो उन्हें इंसानियत से जोड़ता है। उनमें सेवा, सुमिरन, सत्संग की भावना को सुदृढ़ करता है और सब के प्रति सम्मान, प्रेम व करुणा का भाव उजागर करता है।

इस अवसर पर बाल प्रदर्शनी के माध्यम से स्वच्छ जल स्वच्छ मन, रक्तदान – महादान, पेड़ो की कटाई पर रोक एवं स्वच्छ भारत अभियान सहित मिशन के आदर्श विचारधराओं का संदेश दिया गया। वहीं बच्चों ने अपने विचारों, भजनों, कविताओं एवं छोटे-छोटे नाटकों एवं नृत्यो के माध्यम से उपस्थित जनमानस में मानवता का संदेश दिया।

मौके पर सेवादल के शिक्षक नंदेश्वर व संचालक राम प्रकाश, राजकिशोर, मोतीलाल, चंदेश्वर, यमुना प्रसाद, अर्चना, रौशन कुमार सहित सैकड़ो की संख्या में प्रभु प्रेमी भक्तजन उपस्थित थे।

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निरंकारी बाल संत समागम
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