
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क पूसा । डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के तिरहुत कृषि महाविद्यालय ढोली के सभागार में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली की ओर से संचालित अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत अनुसूचित जाति के महिला किसानों को कृषि के नवीनतम तकनीक जानकारी देकर उनकी उत्पादकता, दक्षता व आय में बढ़ोतरी केलिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कृषि उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसका शुभारंभ उपस्थित आगत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। उपस्थित भा.कृ.अनु.प राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सुबोध कुमार ने जैव प्रौद्योगिकी आधारित फसलों की महत्ता एवं रोग प्रतिरोधी फसल के किस्मों का चयन, और जलवायु अनुकूलन तकनीकों से जुड़े जानकारी किसानों को दिया।
इस अवसर पर डॉ. मोनिका ने कहा कि महिला किसानों को कृषि के मूल्य श्रृंखला से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया जा सकता है। साथ ही मशरूम उत्पादन, पोषण वाटिका, जैविक खाद निर्माण एवं सूक्ष्म उद्यमिता से जुड़े जानकारी दिया। डॉ. जसदीप सी. पदारिया ने अपने संबोधन में कहा कि किसान खेती में नवीनतम तकनीक का उपयोग कर अपनी आय को बढा सकते हैं।
तिरहुत कृषि महाविद्यालय, ढोली के अधिष्ठाता डॉ. पी.पी. सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि अनुसूचित जाति उप-योजना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की एक क्रांतिकारी पहल है, जिसका उद्देश्य कृषि अनुसंधान एवं प्रसार की गतिविधियों को सामाजिक समावेशन की दृष्टि से वंचित लोगों तक पहुँचाना है। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपनी खेतों में उतारे वहीं कृषि के नवीनतम तकनीक को अपनाकर फसल की उत्पादकता को बढ़ाने की सलाह दिया।
निदेशक बीज डॉ. डी.के. राय ने कहा कि फसल की रीढ़ बीज होता है इसलिए बेहतर उत्पादन के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज का चयन करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने ने बीज की उपचार व, भंडारण एवं प्रमाणित बीजों के महत्व पर विस्तृत जानकारी दिया। आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन प्राध्यापक सह मुख्य वैज्ञानिकडॉ. स्वेता मिश्रा ने बीज सुरक्षा, व खेती में महिला की भूमिका एवं बुआई के बाद फसल की प्रबंधन पर जानकारी दिया।
मौके पर डॉ. अजय कुमार,डॉ. राजेश कुमार,डॉ. ए. के. मिश्रा एवं डॉ. आशीष नारायण ने फसल से जुड़ी अपनी बातों को रखा। इस दौरान प्रशिक्षुओं के बीच मक्का एवं मड़ुआ व सांवा फसलों का बीज सहित खेती से जुड़े कुदाल, खुरपी एवं हंसिया जैसे कृषि यंत्र एवं प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. एस.के. सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. के.के. सिंह ने किया। इस दौरान डॉ. गीतांजली चैधरी, डॉ. हेम चन्द्र चैधरी, डॉ. बरूण, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. श्रुति कुमारी, ई. स्नेह संसार सहित वैज्ञानिक व प्रशिक्षु उपस्थित थे।