
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 समस्तीपुर। जीरो फीचर की दीवानी युवा पीढी में स्तनपान के प्रति उदासीनता या अनिच्छा बेहद चिन्ताजनक और चिन्तनीय है। इससे नई पीढी के शारिरिक, मानसिक और बौद्धिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
गुरुवार को शहर के हरपुर एलौथ स्थित लीडर इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, में विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन सत्र को संबोधित करते हुए इंस्टीट्यूट की चेयरपर्सन मोनी रानी ने उक्त बातें कही।
इस दौरान उन्होंने स्तनपान के महत्व, आवश्यकता पर गंभीर चिंतन की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्तनपान के सामाजिक, शारीरिक एवं भावनात्मक पक्षों पर खुले युवा पीढी में विशद व गहन विचार-विमर्श की आवश्यकता है।
बताते चलें कि 1 से 7 अगस्त के अंतर्गत 7 अगस्त को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में स्तनपान के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाना एवं मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना था।
इसके पुर्व चेयरपर्सन श्रीमति रानी ने आगत अतिथियों व छात्र-छात्राओं का कार्यक्रम में स्वागत करते हुए कहा कि निश्चित ही यह आयोजन छात्र में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रबल करने के साथ-साथ, एक स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध होगा।
स्वागत, उद्घाटन की औपचारिकता के बाद विषय वस्तु विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में कहा कि स्तनपान शिशु के लिए जीवन की पहली और सबसे संपूर्ण पोषण प्रणाली है, जो न केवल शिशु को संक्रमण से बचाता है, बल्कि उसकी संज्ञानात्मक क्षमताओं के विकास में भी सहायक होता है। साथ ही, यह मां के लिए भी स्वास्थ्य लाभप्रद। स्तनपान्र प्रसवोत्तर रक्तस्राव को रोकने, दो बच्चों में अंतर सुनिश्चित करने और स्तन कैंसर की संभावना में कमी लाने मे सहायक होता है।
इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नयनाभिरामी पोस्टरों और भावपूर्ण नाटक की प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्तनपान से संबंधित मुद्दों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने स्तनपान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों, शहरीकरण के कारण स्तनपान में आती बाधाओं, चुनौतियों और इसके समाधान को प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कॉलेज के प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं व उपस्थित अतिथियों को समाज में स्तनपान को लेकर जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया।