
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 वारिसनगर। “फाइलेरिया के लक्षण तुरंत सामने नहीं आते, बल्कि इसके लक्षण प्रकट होने में 5 से 10 वर्ष तक का समय लग सकता है। ऐसे में इस बीमारी से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को साल में एक बार दी जाने वाली दवा का सेवन अनिवार्य रूप से करना चाहिए।”
जिले के वारिसनगर प्रखंड स्थित नागरबस्ती में नाबार्ड संपोषित तथा अनमोल उपहार सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिला विकास समिति के सदस्यों की बैठक में कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार शर्मा ने उक्त बातें कही।
लक्षण, बचाव और एमएमडीपी किट उपयोग की दी जानकारी :
इस दौरान उन्होंने फाइलेरिया को मच्छर जनित गंभीर रोग बताते हुए इसके लक्षण, बचाव के उपाय, मरीजों की विशेष देखभाल और मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी (एमएमडीपी) प्रिवेंशन किट के सही उपयोग के बारे में जानकारी दी।
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की दी जानकारी :
समूह की अध्यक्ष आशा देवी कि अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर संजय कुमार शर्मा ने फाइलेरिया रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आगामी फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की तैयारियों को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
इस क्रम में आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर माइक्रोप्लान तैयार करने, घर-घर दवा पहुंचाने, सही डोज देने और लोगों को दवा खिलाने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाएंगी, जिससे इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।
फाइलेरिया की दवा है सुरक्षित : ललित
औसेफा के सचिव ललित कुमार ने सभी सदस्यों से अपील किया कि, वे “अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करें और दवा सेवन को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति को दूर करें।” उन्होंने कहा कि, “दवा सुरक्षित है और इसका सेवन सभी लोगों को करना चाहिए।”
साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फाइलेरिया से पीड़ित लोग यूडीआईडी (यूनीक डिसेबिलिटी आईडी) के माध्यम से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
कई समाजसेवी और चिकित्सक थे मौजूद :
बैठक में मौजूद सदस्यों ने अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। मौके पर समस्तीपुर आई हॉस्पिटल से आनंद कुमार, समाजसेवी देव कुमार, समूह के सचिव गुड़िया देवी, वीणा देवी, ज्योति जायसवाल, सविता देवी, विमला देवी, किरण देवी, मधु देवी आदि उपस्थित थे।
बैठक के अंत में फाइलेरिया उन्मूलन को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया गया, ताकि आने वाले समय में इस बीमारी से क्षेत्र को मुक्त किया जा सके।