
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
पूसा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा परिसर में एक उच्च-रिजॉल्यूशन एडी कोवेरियंस (ईसी) टावर स्थापित करेगा। इस का उद्देश्य कृषि और जलवायु अध्ययन के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले फ्लक्स डेटासेट उत्पन्न करना और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है। जो चल रहे और भविष्य के अंतरिक्ष-आधारित कृषि मिशनों का समर्थन करेगा।
गुरूवार को अनुसंधान परिषद के दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र के दौरान अपने संबोधन में उक्त जानकारी देते हुए डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्याल के कुलपति डॉ पीएस पांडेय कहा कि इससे कार्बन और जल प्रवाह की निगरानी में वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोगी अनुसंधान को मजबूती मिलेगी।
साथ ही फसल उत्पादकता का अनुमान लगाने और भूमि-वायुमंडल अंतःक्रिया अध्ययन के लिए अपेक्षाकृत विश्वसनीय डेटा उत्पन्न किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि ईसी टावर से उत्पन्न डेटा का उपयोग किया जा सकेगा। ग्रॉस प्राथमिक उत्पादकता (जीपीपी) और शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता (एनपीपी) विश्लेषण के लिए उच्च आवृत्ति और सटीक डेटा उपलब्ध हो सकेगा।
इसके अलावा सतह वाष्पीकरण के अनुमान के लिए डेटा, फसल जल उपयोग दक्षता के मूल्यांकन के लिए डेटा, ’फसल जल उत्पादकता (सीडब्ल्यूपी) मूल्यांकन के लिए डेटा उपलब्ध होगा। डाॅ पांडेय ने कहा कि यह डेटा सेट बिहार क्षेत्र में हमारे उपग्रह-व्युत्पन्न उत्पादों को सत्यापित करने में सहायक होगा।
उत्पन्न डेटा जलवायु-लचीला कृषि के समर्थन में सीओ टू (कार्बन डाइ ऑक्साईड) और ऊर्जा प्रवाह-आधारित कृषि अनुसंधान का आकलन करने में मदद करेगा। इस सहयोग का उद्देश्य कृषि और जलवायु अध्ययन में अनुसंधान को बढ़ावा देना और जलवायु-लचीला कृषि के लिए आवश्यक डेटा प्रदान करना है।