
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क समस्तीपुर । कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान के तत्वावधान में केन्द्रीय विद्यालय समस्तीपुर के निकट स्थित कुसुम सदन के प्रागंण में रविवार की शाम एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सबसे पहले डॉ रामेश गौरीश ने सभी रचनाकारों का हार्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ नरेश कुमार तथा संचालन सुप्रसिद्ध गजलकार प्रवीण कुमार चुन्नू ने किया। सुप्रसिद्ध गीतकार एवं पूर्व रेल राजभाषा अधिकारी द्वारिका राय सुबोध मुख्य अतिथि के रूप में चांद मुसाफिर तथा डाॅ राम पुनीत ठाकुर तरुण, विशिष्ट अतिथि के रूप में विराजमान रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार पाण्डेय ने जुलाई माह में उत्पन्न हिन्दी साहित्य के आधार स्तम्भ मार्कण्डेय प्रवासी, पं देवेन्द्र नाथ शर्मा, मुंशी प्रेमचंद, डॉ राम लखन राय, प्रो मुन्नी सिन्हा, दिनेश दीन, चन्द्रधर शर्मा गुलेरी, इस्मत चुगताई के कृतित्व तथा व्यक्तित्व पर विशद चर्चा करते हुए उनके प्रति भावभीनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया। साथ ही राष्ट्र के वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे, पं चन्द्र शेखर तिवारी आजाद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, के अलावा कारगिल शौर्य के अमर सेनानियों के प्रति भी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। गोष्ठी का प्रारंभ डॉ राम सूरत प्रियदर्शी के मां सरस्वती की आराधना गीत से किया गया।
तदुपरांत सावन की फुहार, भोलेनाथ को समर्पित भजन के अलावा गजल, हास्य व्यंग, रोमांटिक एवं पर्यावरण संबंधी भोजपुरी गीत और मैथिली तथा बज्जिका की रचनाएं आकर्षण के केंद्र रहीं। इस अवसर पर डॉ सुनील चम्पारणी की नवीनतम कृति पल-पल बदलती फितरत का लोकार्पण किया गया।
इसी क्रम में डॉ सुनील चम्पारणी द्वारा डॉ विकल, डॉ राम पुनीत ठाकुर तरुण, द्वारिका राय सुबोध, प्रोफेसर रीता वर्मा, डॉ परमानन्द लाभ, भुवनेश्वर मिश्र, प्रवीण कुमार चुन्नू, तथा शिवेन्द्र कुमार पाण्डेय को सम्मानित किया गया। पश्चात डॉ सुनील चम्पारणी तथा पूर्णिमा श्री वास्तव को सभी ने सम्मानित किया। इस दौरान पल-पल बदलती फितरत पर समीक्षा चर्चा भी की गई।