
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क समस्तीपुर । हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 10 अगस्त (रविवार) को उत्तर भारतीय संगीत पद्धति एवं स्वरलिपी पद्धति के जनक चतुरा पंडित नाम से विख्यात पंडित विष्णु नारायण भातखंडे की 165 वी जयंती के अवसर पर डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित विद्यापति सभागार में जगमोहन विद्यापति काॅलेज ऑफ आर्ट एण्ड टेक्नोलाॅजी ओईनी के तत्वावधान में दूसरे राष्ट्रीय शास्त्रीय संगीत समारोह संगीतांजली का आयोजन किया गया।


इस समारोह में सर्वप्रथम उत्तर भारतीय संगीत पद्धति के जनक पंडित विष्णु नारायण भातखंडे एवं पंडित जगमोहन झा के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि कर सादर नमन के उपरांत समारोह के उद्घाटनकर्ता सूचना एवं प्रसारण मंत्री महेश्वर हजारी, मुख्य अतिथि पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय के संगीत विभागाध्यक्ष डाॅ रीता दास, प्राचीन कला केन्द्र के क्षेत्रीय समन्वयक अभिषेक कुमार, सहित तमाम अतिथियों व सह संयोजक पंडित रामनरेश राय, सहित संयोजक मंडल के सदस्यों ने दीप प्रज्वलितं कर समारोह का उद्घाटन किया।


तदुपरांत सह संयोजक आशा सेवा संस्थान के सचिव अमित कुमार वर्मा, औसेफा निदेशक देव कुमार, ईडेन प्रमुख ब्रज किशोर कुमार, राजम इंडेन के प्रबंध निदेशक अतुल कुमार, संजय कुमार सिंह, कुमार रंजन, शिक्षाविद मिथिलेश कुमार, आदि ने तमाम आगत अतिथियों का चादर, पट्टा, पाग एवं स्मृति चिन्ह से स्वागत किया।
मंत्री श्री हजारी एवं मुख्य अतिथि डाॅ दास ने भास्कर त्रय पं. आर एस ठाकुर मतवाला, पंडित रामनरेश राय, स्मृतिशेष पंडित जगमोहन झा की पुत्री राग्यति कुमारी सहित सभी मीडिया कर्मियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने मीडियाकर्मियों को श्रम की सराहना करते हुए मीडिया को लोकतंत्र के स्थायित्व और मजबूती का आधार बताया।

तदुपरांत कार्यक्रम के संयोजक डॉ संजय कुमार राजा ने स्वागत संबोधन एवं विषय प्रवेश कराया। लक्ष्मण कुमार एवं शिष्यों की कथक प्रस्तुति, एवं संतोष कुमार की तबला संगती में साक्षी ऋतु एवं सहेलियों द्वारा प्रस्तुत वंदना और के साथ समारोह आगे बढा।
सह संयोजक विश्व प्रसिद्ध ग्रंथ ताल दर्शन मंजरी के रचयिता ताल मर्मज्ञ पंडित राम नरेश राय की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में दरभंगा घराने के राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिलब्ध बांसुरी वादक डॉ वेद प्रकाश के शिष्य दिल्ली से पधारे केशव कुमार धीरज के गायन, कोलकाता के मेदनीपुर से पधारी सोमा मंडल के भरत नाट्यम, खगडिया से पधारे सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित गणेश पाल, पंडित सुबोध रंजन प्रसाद, मुख्य अतिथि डाॅ दास, के अलावा राम बालक निराला, आदि ने अपनी प्रस्तुति से ऐसा समां बांधा कि गुजरते वक्त का एहसास भी नहीं हुआ।


इसी दरम्यान रामबालक निराला की संगति में सुविख्यात पंडित रामनरेश राय के शिष्यों यथा चन्द्रकान्त चैधरी, प्रभात कुमार, अमन कुमार, सत्यम कुमार, नीतेश कुमार आदि द्वारा प्रस्तुत तबला तरंग कचहरी के अलावा, रामचन्द्र ठाकुर, रंजन कुमार, तबला संगति से सजी मनोहारी प्रस्तुति ने देर तक श्रोताओं को बांधे रखा।

अपनी प्रस्तुति के दौरान मुख्य अतिथि बिहार की प्रथम सरोद वादिका डाॅ दास ने आयोजन को अनुपम बताते हुए आयोजक टीम को बधाई दी और कहा कि संगीत एक मात्र ऐसी विधा है जिसमें आज भी गुरू भक्ति और गुरू शिष्य परंपरा के मूल स्वरूप का जीवन्त दर्शन होता है।

कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डॉ संजय कुमार ने किया। समारोह की सफलता में सुमित कुमार सुमन, विभूति कुमार, अभय कुमार, पूर्णेन्दु कुमार राजन, सुभाष चंद्र कुमार, सचिन भारद्वाज उदय जी, अरविंद पाठक, दीपक कुमार, कुमार विकास, सौम्या सुमन, स्नेहा सुमन, हिमांशु भास्कर, निशांत, सुशान्त, कुमार रौशन आदि ने अहम भूमिका निभाई। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष नीलम साहनी, पेंशनर समाज के अध्यक्ष शम्भू बाबू, उमेश ठाकुर, डाॅ गणेश ठाकुर, पप्पु कुमार, ध्रुव कुमार पाठक, गुरू कृष्ण मोहन, नंदगोपाल ठाकुर, स्मृतिशेष पंडित जगमोहन झा की पुत्री राग्यति कुमारी, नाती अंशु कुमार, सचिन जायसवाल, पप्पु कुमार, अमित कुमार, मुकेश कुमार सिन्हा, सहित सैकड़ लोग मौजूद थे।