
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पटना। बिहार के अनुदानित संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। पटना उच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद शिक्षाकर्मियों में खुशी और उम्मीद की लहर दौड़ गई है।
मुख्य सचिव को दिया आदेश :
संबद्ध डिग्री महाविद्यालय सेवा संघ की ओर से दायर सीडब्ल्यूजेसी 6943/2026 की सुनवाई 14 जुलाई को न्यायमूर्ति हरीश कुमार की एकल पीठ में पूरी हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कॉलेज सेवा आयोग अथवा चयन समिति से अनुमोदित शिक्षकों एवं संबंधित शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान की प्रक्रिया तीन माह के भीतर पूरी की जाए। इसके लिए राज्य के मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।
फैक्टनेब ने फैसले का किया स्वागत :
बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) ने न्यायालय के इस फैसले पर संतोष जताया है। महासंघ के अध्यक्ष डॉ. शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा, महासचिव प्रो. राजीव रंजन, मीडिया प्रभारी प्रो. अरुण गौतम, राज्य सचिव डॉ. रविन्द्र कुमार एवं प्रो. श्रवण कुमार समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह निर्णय वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में बड़ा कदम है।
अब न्याय मिलने की आशा प्रबल :
नेताओं ने बताया कि करीब चार दशकों से वेतन एवं पेंशन को लेकर भटक रहे शिक्षकों और कर्मचारियों में इस आदेश से नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों से गुजर रहे हजारों परिवारों को अब न्याय मिलने की आशा प्रबल हुई है।
ससमय आदेश के पालन की मांग :
फैक्टनेब ने राज्य सरकार से अपील की है कि फरवरी 2026 में दायर याचिका पर आए इस न्यायिक आदेश का निर्धारित तीन माह की समय-सीमा के भीतर कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को शीघ्र राहत मिल सके। माननीय उच्च न्यायालय के इस फैसले को शिक्षा जगत के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। जिससे लंबे समय से लंबित वेतन-पेंशन विवाद के समाधान की राह खुलती दिख रही है।