घने कोहरे और कनकनी से जनजीवन अस्तव्यस्त,
चिकित्सकों ने जारी किए सुझाव

विभूति कुमार की रपट
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। जिले में गुरुवार को घने कोहरे, कनकनी और बढ़ती ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। देर शाम से सुबह तक छाए घने कोहरे से दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर प्रतिकूल असर पड़ा है। कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है, सड़कों पर वाहन खिसकते दिखे। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
ठंड और कनकनी के बढ़ते प्रकोप से लोग घरों में दुबकने को मजबूर होने लगे हैं। सुबह में देर तक सड़कों पर पसरा सन्नाटा कनकनी के असर की गवाही दे रहा है। जबकि आवश्यक कार्यों से निकलने वाले लोग ऊनी कपड़ों, टोपी, दस्ताने और मफलर के बावजूद ठिठुरते दिख रहे हैं।
ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के परेशानी की कल्पना कर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
कोहरे का असर ट्रेनों और बसों के संचालन पर भी देखने को मिल रहा है। कई ट्रेनों के विलंब से चलने की सूचना है, वहीं बस चालकों को भी कम दृश्यता के कारण सावधानी से वाहन चलाना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें।

वहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अभी तो बस शुरुआत है, आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की संभावना है। तापमान में भारी गिरावट दर्ज किए जाने की संभावना है।
ऐसे में रामचंद्र सेवा ट्रस्ट के संस्थापक सह मुख्य चिकित्सक डॉ मनोज कुमार सिंह ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह देते हुए अपील की है कि,
1) अधिक आवश्यकता होने पर पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढक कर निकलें।
2) अधिक से अधिक गुनगुने पानी का उपयोग करें।
3) ठंड का प्रकोप दिखे तो घरेलू उपचार को प्राथमिकता दें।
4) बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के कमरे तथा पशुशालाओं को गर्म रखने के लिए सावधानी पूर्वक अलाव या अंगीठी का प्रयोग करें।
शहर के गौरव मेडिकाना मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की निदेशक डॉ कनुप्रिया मिश्रा तथा मार्क हॉस्पिटल की मुख्य चिकित्सक डॉ अभिलाषा सिंह ने कहा भीषण कनकनी और ठंड के दिनों में गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को अतिरिक्त सावधानी और देखभाल की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि जरा सी असावधानी बड़ी परेशानी का कारण बन सकते हैं। इसलिए ठंड से बचाव के तमाम घरेलू नुस्खे अपनाने, ताजे और गर्म भोजन करने, गुनगुना पानी पीने और अलाव या अंगीठी के पास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
चिकित्सक द्वय ने कहा कि ठंड के मौसम में ठंडे खाद्य/पेय पदार्थों से कठोरता पूर्वक परहेज रखना जरूरी है।