
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। सरकार के समरूप विकास के निर्देश के बावजूद जिला परिषद समस्तीपुर में सभी वार्डों का एक समान विकास नहीं हुआ है। वित्तिय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24, एवं 2024-25 से अभी तक जिला परिषद क्षेत्र संख्या-01 से 51 तक 15वीं वित्त योजना एवं षष्टम् राज्य वित्त योजना मद की राशि से कराये गये योजनाओं में व्यापक पैमाने पर कई क्षेत्रों के साथ भेदभाव किया गया है। वैसे क्षेत्रों को चिन्हित कर षष्टम् राज्य वित्त योजना से अपने स्तर से कम से कम दस-दस योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति देकर उक्त क्षेत्रों की भरपाई किया जाए। जिला परिषद समस्तीपुर के उपाध्यक्ष ठाकुर उदय शंकर ने 14 विन्दुओं वाले पत्र के माध्यम से जिला परिषद समस्तीपुर में व्याप्त समस्याओं और बाधित विकास कार्यो की ओर ध्यानाकर्षित कराते हुए उप विकास आयुक्त सह कार्यपालक पदाधिकारी से उक्त बातें कही है।
अपने पत्र के 14 विन्दुओं में श्री उदय शंकर ने समुचित कार्रवाई करने का आग्रह करते हुए कहा है कि, 15वी वित्त योजना/षष्टम् राज्य वित्त योजना एवं अन्य योजना मद की राशि को बिहार विधान सभा आम निर्वाचन 2025 के पूर्व सभी 51 क्षेत्रों में एक समान रूप से स-समय खर्च किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
15वीं वित्त योजना एवं षष्टम् राज्य वित्त योजना से कई क्षेत्रों में काम हुआ है लेकिन विभिन्न कारणों से कई योजनाओं का भुगतान लंबित है जिसे सुधार कर जल्द भुगतान करवाया जाय।
जिला परिषद, समस्तीपुर में वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2020-21 तक में मनेरगा योजनाओं का अधिकांश क्षेत्रों में क्रियान्वयन किया गया था। लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण मजदूरो एवं सामग्री आपूर्तिकर्ताओं को अद्यतन भुगतान नहीं हो सका है। मनरेगा योजनाओं में शेष लम्बित राशि का भुगतान किया जाय।
जिले में जल संकट की समस्या गंभीर बनी हुई है। इस समस्या का अविलंब निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने की आवश्यकता है।
जिला परिषद शिक्षक नियोजन इकाई समस्तीपुर के द्वारा मृत शिक्षकों के आश्रितों की अनुकम्पा पर नियुक्ति हेतु मेघा सूची तैयार होने और साक्षात्कार होने के बावजूद नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है।
वर्ष 2024-25 के लिए जिला परिषद योजनाओं में आपूर्तिकर्ता के रूप में लगभग 92 भेंडरों का चयन जिला परिषद में किया गया था। उन सभी भेंडरों से सुरक्षित जमा राशि के रूप में प्रति भेंडर 1,10,000 रुपए की राशि जिला परिषद को प्राप्त होने के बावजूद उन भेंडरों का निबंधन नहीं हो सका और न ही उनके सुरक्षित जमा राशि को वापस नहीं किया गया है। जल्द से जल्द उक्त राशि ब्याज सहित सभी भेंडरो को वापस किया जाए।
जिला परिषद समस्तीपुर में दुकान के आवंटन में कई व्यक्तियों के द्वारा सारी प्रक्रिया पुरी करने के बाद दुकान का आवंटन से पूर्व सुरक्षित जमा राशि जमा करवा लिया गया लेकिन विडंबना है कि आज तक न दुकान का आवंटन हुआ और न ही उनकी सुरक्षित जमा राशि को वापस किया गया। उन सभी व्यक्तियों को ब्याज सहित जमा राशि वापस किया जाए।
जिला परिषद समस्तीपुर के अन्तर्गत ताजपुर, दलसिंहसराय, रोसड़ा, सिघिया प्रखंड में लगभग जिला परिषद के अन्तर्गत 128 दुकानें अभी भी किराये पर नहीं दी गई है। इससे जिला परिषद को भारी भरकम राजस्व का नुकसान हो रहा है।
कृपया बोर्ड के द्वारा निर्धारित अग्रिम राशि की सीमा तथा दुकान का तय किराया कम करके दुकानों को तुरंत किराये पर लगाया जा सकता है। जिससे जिला परिषद के राजस्व में काफी इजाफा होगा। साथ ही जिला परिषद के अन्तर्गत आने वाले हाट का बंदोवस्ती जल्द कराया जाय।
इसके अलावा उन्होंने अपने पत्र में सिंघिया खुर्द पंचायत के पशु अस्पताल को तोड़कर नया पशु अस्पताल बनवाने, जिला परिषद कर्मचारियों के लम्बित मानदेय का भुगतान जल्द से जल्द कराने, षष्टम् वित्त राज्य योजना में कार्य हुए बिना राशि किए जाने और काम होने के बाद भी संबंधित भेंडर एवं लेबर का भुगतान नहीं किये जाने की जांच व कार्रवाई, जिला परिषद की सामान्य बैठक समस्तीपुर जिला मुख्यालय में कराने, जिला परिषद कार्यालय केप्रथम तल पर महिला पार्षदों को बैठने के लिए कमरा एवं शौचालय का निर्माण कराने, आदि का आग्रह किया है।