‘किंडेरा उत्सव’ से नैतिक्स किंडेरा ब्रिटिश प्री स्कूल में छाई दिवाली की रौनक

ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पटना। नन्हे हाथों से सजे मिट्टी के दीये, जमीन पर बिखरे रंगों से उभरती खूबसूरत रंगोलियां और बैकग्राउंड में गूंजते भक्ति गीत ‘राम आएंगे’ की धुन पर थिरकते नन्हें कदम कुल मिला कर रंग बिरंगे परिधानों में सजे चहकते–खिलखिलाते बच्चों से पूरा नैतिक्स किंडेरा ब्रिटिश प्री स्कूल परिसर उत्साह और उमंग से सराबोर था। मौका था दीपावली के अवसर पर आयोजित किंडेरा उत्सव का।
जी हाँ! ऐसे ही माहौल में गर्दनीबाग स्थित नैतिक्स किंडेरा ब्रिटिश प्री स्कूल में गुरुवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘किंडेरा उत्सव’ में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता, कला और नृत्य से दिवाली के जश्न को यादगार बना दिया।
दीयों और रंगों में दिखी नन्हे कलाकारों की कल्पनाशीलता :
‘किंडेरा उत्सव’ के दौरान स्कूल परिसर में दिवाली की खास रौनक देखने को मिली। बच्चों को मिट्टी के दीये सजाने और रंगोली बनाने का अवसर दिया गया। किसी ने दीयों पर अपनी पसंद के रंग चढ़ाए तो किसी ने उनमें आकर्षक डिजाइन और पैटर्न तैयार किए। वहीं, रंगोली बनाने में भी बच्चों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। रंग-बिरंगे गुलाल और रंगों से जमीन पर उभरती आकृतियों ने पूरे आयोजन को और भी खूबसूरत बना दिया। बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा का इस्तेमाल करते हुए बेहद उत्साह से इन गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन के हाथों से तैयार की गई कलाकृतियां इस बात का उदाहरण थीं कि कल्पनाशीलता और रचनात्मकता कभी उम्र की मोहताज नहीं होती।
‘राम आएंगे’ की धुन पर बच्चों ने बिखेरा नृत्य का जादू :
इस दौरान बाल कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी खूब रंग जमाया। कोरियोग्राफर धर्मवीर कुमार के मार्गदर्शन में बच्चों ने लोकप्रिय भक्ति गीत ‘आज गली-गली अवध सजाएंगे, आज पग-पग पलक बिछाएंगे… नैना भीगे-भीगे जाएं, कैसी खुशी ये छुपाएं, राम आएंगे’ पर शानदार नृत्य किया। बच्चों की मासूम अदाओं, उत्साह और खूबसूरत तालमेल ने वहां मौजूद लोगों का मन मोह लिया।
निदेशक ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह :
इस आयोजन में स्कूल की निदेशक सारिका चौहान ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनकी प्रतिभा की जम कर सराहना की। उन्होंने बच्चों की गतिविधियों में रुचि और भागीदारी को प्रोत्साहित किया। स्कूल की प्रिंसिपल कामिनी प्रिया और कोऑर्डिनेटर आयशा तबस्सुम भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। शिक्षिकाओं तुलिका गुप्ता, प्रीति सिन्हा, सिम्मी कुमारी और अदिति कुमारी ने बच्चों के साथ मिलकर आयोजन को खास बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
त्योहारों के बहाने संस्कार, संस्कृति और परंपरा से जुड़े बच्चे :
‘किंडेरा उत्सव’ सिर्फ दिवाली सेलिब्रेशन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए बच्चों को त्योहारों के वास्तविक महत्व से परिचित कराने का प्रयास भी किया गया। निदेशक श्रीमती चौहान ने कहा कि, ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कलाओं और सामाजिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है। दीये सजाने और रंगोली बनाने जैसी गतिविधियां उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं, वहीं समूह में नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी से उनमें आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित होती है।
