
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर । लगातार चलने वाली पछुआ हवा और वायूमंडल में मौजूद जलवाष्प की मात्रा अधिक रहने के कारण ठड का कहर अपने चरम पर है। इस ठंड के सितम से जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। इसी बीच डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ ए सत्तार ने कहा है कि फिलहाल हाड कंपाती ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
इस बाबत जिले के पूसा स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से विश्वविद्यालय के जलवायू परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केन्द्र द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसारअगामी 4 जनवरी 2026 तक उत्तर बिहार के सभी जिलों में ठंड का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक :
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार हवा में नमी की मात्रा अधिक रहने और लगातार पछुआ हवाएं चलने के कारण ठंड का प्रभाव और बढ़ेगा। सुबह के समय मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि मौसम सामान्यतः शुष्क बना रह सकता है। अधिकतम तापमान सामान्य से 6 से 7 डिग्री तक कम बना हुआ है और आने वाले दिनों में पारा के और गिरने की संभावना जताई गई है।
कैसा रहेगा मौसम :
पूर्वानुमान में बताया गया है कि इस अवधि में अधिकतम तापमान 13 से 15 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान औसतन 5 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चल सकती है, जबकि 1 जनवरी के आसपास पुरवा हवा चलने की संभावना है। सापेक्षिक आर्द्रता सुबह के समय 90 से 95 प्रतिशत तथा दोपहर में 45 से 50 प्रतिशत तक रह सकती है।
विशेषज्ञों की सलाह :
लगातार बढ़ती ठंड और कोल्ड डे की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम विशेष सतर्कता बरतने, आवश्यकतानुसार अलाव का प्रबंध, पशुशाला में पर्याप्त तापमान बनाये रखने और खास तौर पर बच्चे, बुजुर्ग व बीमार लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है।