
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस.के. चौधरी का दिल के दौरा पड़ने से निधन हो गया। इस खबर के मिलते ही शहर के सदर अस्पताल सहित चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
राजकीय समारोह की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे कर्पूरी ग्राम :
भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर आयोजित राजकीय समारोह की तैयारियों के सिलसिले में वे मंगलवार को आयोजन स्थल और स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने कर्पूरी ग्राम पधारे थे। इसी दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा फौरन गंभीर हालत में उन्हें समस्तीपुर सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनके इलाज में जुट गई।
निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस :
हालत बेकाबू होता देख तत्काल चिकित्सकों ने उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
दूसरी बार ऑन ड्यूटी सीएस की मौत ने खोली सदर अस्पताल के व्यवस्था की पोल :
उल्लेखनीय है कि समस्तीपुर सदर अस्पताल में यह दूसरी घटना घटी है जब ऑन ड्यूटी सिविल सर्जन ने अपनी जान गंवाई है। इस तरह, दो ऑन ड्यूटी सीएस की मौत से सरकार के उच्च गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा और सदर अस्पताल के व्यवस्था की पोल खुल गई।
‘काल के काल’ के रूप में प्रसिद्ध डॉ. आर.आर. झा का भी हुई थी ऑन ड्यूटी मौत :
इसके पूर्व, काल के काल, या यमदूत के दुश्मन कहे जाने वाले सुविख्यात सर्जन डॉ. रति रमन झा भी कोरोना काल में ऑन ड्यूटी अचानक बीमार पड़ने के कारण काल के गाल में समा गए थे।
जिले के सबसे बड़े अस्पताल में समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं :
समस्तीपुर के सबसे बड़े अस्पताल में समुचित चिकित्सकीय सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें भी हालत बिगड़ने के बाद पटना आईजीआईएमएस रेफर गया था जहां उन्होंने अंतिम सांस ली थी। लोगों का कहना है कि जब सदर अस्पताल समस्तीपुर में अपने ही बड़े डॉक्टर का इलाज नहीं हो सकता है तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
शोक की लहर :
डॉ. चौधरी के निधन पर चिकित्सा जगत ही नहीं समाज के सभी वर्गों में शोक की लहर दौड़ गई है। इस बाबत चर्चा है की अत्यधिक प्रशासनिक व मानसिक दबाव, और अस्पताल में आवश्यक संसाधन और सुविधाओं के अभाव ने सदर अस्पताल के दोनों सिविल सर्जन की जान ले ली।