
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। भला एक एएसआई अपर पुलिस महानिदेशक के आदेश को टाल सकता है? आम तौर पर इसका जवाब बिल्कुल नहीं होगा। आप भी यही सोच रहे हैं तो आईये समस्तीपुर आप का जवाब बदल सकता है।
जी हां! जिले के सिंघिया थाना में सहायक पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर तैनात परशुराम सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) बिहार, पटना का आदेश ज्ञापांक-पी0-6/11-18-04 -2025/83, दिनांक-22.05.2025 तद्नुसार मिथिला क्षेत्रादेश संख्या-105/2025 सह-पठित ज्ञापांक-1738/सा०शा०, दिनांक-06.06.2025 के आलोक में समस्तीपुर जिलाबल से विरमित किए जाने के एक सप्ताह बाद भी अपने थाने में ही जमे हैं। आज तक उन्होंने नवपदस्थापन जिला पटना के पुलिस बल में अपना योगदान नही दिया है।
इस तरह अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) बिहार पटना के आदेशों की अवहेलना करना, एक गंभीर विषय है। आपको बता दें कि मिथिला परिक्षेत्र में अपनी कार्यावधि पुरे करने वाले ASI परशुराम सिंह (233), जो वर्तमान में जिले के सिंघिया थाना में पदस्थापित हैं। पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) बिहार, पटना का आदेश ज्ञापांक-पी0-6/11-18-04 -2025/83, दिनांक-22.05.2025 तद्नुसार मिथिला क्षेत्रादेश संख्या-105/2025 सह-पठित ज्ञापांक-1738/सा०शा०, दिनांक-06.06.2025 के आलोक में, समस्तीपुर जिलाबल से विरमित करते हुए, पटना जिलाबल में स्थानांतरित कर दिया गया है।
कमाल तो ये है कि आदेश के एक सप्ताह बाद भी ASI परशुराम सिंह, सिंघिया थाना में ही डटे हुए हैं। जानकार सुत्रों की माने तो एएसआई श्री सिंह, का कार्यकाल काफी विवादित रहा है। सामंती अंदाज और हाफ पैंट में महिलाओ की फरियाद सुनने, व बदसलूकी करने केलिए काफी चर्चित रहे हैं।
वहीं सुत्रों का यह भी बताना है कि, सिंघिया थानाध्यक्ष व एएसआई सिंह नये पुलिस कप्तान के जिला में पदस्थापन का फायदा उठाकर, और यह सोचकर कि, उन्हें ASI परशुराम सिंह के बारे में कुछ भी जानकारी नही होगा, उसे तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारी बताते हुए, परशुराम सिंह के स्थानांतरण पर रोक लगाने की कोशिश भी कर रहे है।
जगजाहिर है कि सेना और पुलिस विभाग में अपने कर्तव्यों का पालन करना और अपने वरीय पुलिस पदाधिकारियों के आदेशों का पालन करना अनिवार्य होता है। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो, यह न केवल उनके व्यक्तिगत कर्तव्य की अवहेलना होती है, बल्कि यह कानून और व्यवस्था को भी कमजोर करता है।
ऐसे मामले में, दोषी पदाधिकारी या कर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है, जिसमें निलंबन व बर्खास्तगी तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
अब देखना यह है कि, पुलिस मुख्यालय बिहार पटना सहित अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी के कार्यालय आदेश की अवहेलना करने वाले इस पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है।