
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “28 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद भारत सरकार द्वारा चार नई श्रम संहिताएं अप्रैल 2026 से प्रभावी होने जा रही हैं। इन संहिताओं के प्रभावी होने से संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।”
भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के राष्ट्रीय महासचिव अरुण कुमार पासवान ने शनिवार को कर्पूरी ग्राम स्थित मालगोदाम में आयोजित एक दिवसीय श्रमिक सभा के दौरान उक्त बातें कही।
28 वर्षों के लंबे संघर्ष बाद कार्य प्रणाली को लेकर बने नए नियम :
श्री पासवान ने कहा कि “इन श्रम संहिताओं को धरातल पर लागू कराने के लिए भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ द्वारा पूरे देश में राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। लगभग 28 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद रेलवे माल गोदामों में 24×7 कार्य प्रणाली को लेकर नए नियम बने हैं, जिन्हें अप्रैल 2026 के बाद लागू किया जाना है।”
बताते चलें कि शनिवार को भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पासवान की अध्यक्षता एवं राष्ट्रीय महासचिव अरुण कुमार पासवान के नेतृत्व में समस्तीपुर मंडल अंतर्गत कर्पूरीग्राम स्टेशन स्थित माल गोदाम में एक दिवसीय श्रमिक सभा का आयोजन किया गया।
अतिथियों का शॉल एवं पुष्प गुच्छ आदि से स्वागत करने के पश्चात विशाल माला से उनका अभिनन्दन किया गया।
सरकार से ठोस दिशा-निर्देश की मांग :
इस अवसर पर रेलवे माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा एवं कार्य परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान, कई स्थानों पर आज भी श्रमिकों के पहचान पत्र, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, मूलभूत ढांचा एवं पारदर्शी वेतन व्यवस्था से वंचित होने का मुद्दा उठा और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा एवं रेलवे माल गोदामों में व्यवस्था सुधार के लिए सरकार से ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई।
आश्वासन तक सीमित नहीं रहेंगी मांगें :
अपने अध्यक्षीय संबोधन में सुशील कुमार ने कहा कि यह बैठक रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक है और अब मांगें केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अप्रैल 2026 से लागू होंगी। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन प्रदेश मीडिया प्रभारी रंजीत कुमार द्वारा किया गया।
