
ओईनी न्यूज नेटवर्क। बज्जिका हमारी मातृभाषा है। यह बिहार के आठ जिलों में सर्वाधिक बोली जाती है। इतना ही नहीं नेपाल के बड़े भूभाग में भी बज्जिका बोली जाती है। इसको आगे बढ़ाकर संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराना, बज्जिका भाषा अकादमी का गठन कराना हमारा प्रथम उद्देश्य है।
बज्जिका भाषा संयुक्त संघर्ष समिति के जिला इकाई समस्तीपुर की बैठक में जिलाध्यक्ष वशिष्ठ राय वशिष्ठ ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि जनगणना में बज्जिका भाषा के लिए अलग कोड का आवंटन करवाया जाना संघर्ष समिति के मुख्य उद्देश्यों में शामिल है।
बताते चलें कि मंगलवार को कचहरी में स्थित बिहार पेंशनर्स समाज समस्तीपुर के सभा कक्ष में समिति के जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता व सचालन जिलाध्यक्ष श्री वशिष्ठ ने की।
इस कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि केंद्रीय कार्यकारिणी के परामर्शदात्री समिति के वरिष्ठ सदस्य हरिनारायण सिंह हरि एवं ज्वाला सांध्य पुष्प उपस्थित थे। स्वागत व विधिवत उद्घाटन के बाद सर्वप्रथम अध्यक्ष बशिष्ठ राय बशिष्ठ ने केंद्रीय कार्यकारिणी के द्वारा पारित प्रस्तावों से सदस्यों को अवगत कराते हुए कहा कि, प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 25 जून2025 से 15 जुलाई तक जिले में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा । इसके बाद इसे जिले के दोनों सांसद को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
तदुपरान्त समिति का एक प्रतिनिधिमंडल महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी मांगों से उन्हें अवगत करायेंगे। तदुुपरान्त विधानसभा के आगामी सत्र के दौरान गर्दनीबाग धरना स्थल पर दो दिवसीय धरना का आयोजन होगा।
जिला के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने एक स्वर से इस पर अपनी सहमति दी। इस बैठक में गंगा प्रसाद आजाद सतमलपुरी, शिवेंद्र कुमार पाण्डेय, रामशंकर राय,विवेकानंद शर्मा, प्रो शशिकांत राय, अंजनी कुमार चरण, दिनेश प्रसाद, दीपक कुमार राय, विरेन्द्र कुमार राय, प्रवीण कुमार चुन्नू, राम सूरत प्रियदर्शी, शत्रुघ्न सहनी,महेश चौधरी,तेज नारायण राम, त्रिवेणी प्रसाद ठाकुर, अशोक कुमार, रंधीर कुमार पासवान, विकास कुमार विनीत आदि मौजूद थे।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन बिहार पेंशनर्स समाज, समस्तीपुर के सचिव त्रिवेणी प्रसाद ठाकुर ने किया ।