
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। शहर के बूढी गंडक नदी में पिछले दिनों अचानक जल स्तर बढ जाने के कारण शहर और आसपास के अधिकतर छठ घाट अस्त व्यस्त हो गए है। जिससे प्रकृति पूजन और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ में छठ व्रतियों व श्रद्धालुओं के अर्घ्य दान को ले कर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में प्रशासन के व्यस्त रहने के कारण इस और ध्यान नहीं जा रहा है। बताते चलें कि शहर के बीचो-बीच से गुजरने वाली बूढी गंडक नदी पर बिहार उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध इस महापर्व के अवसर पर लाखों की संख्या में व्रति और श्रद्धालु अर्घ्य देने के लिए जुटते हैं।
पिछले दिनों बूढी गंडक नदी में आई बाढ़ के कारण शहर के धर्मपुर से लेकर जितवारपुर तक 3 किलोमीटर में सभी घाट डूबे गये थे। हलांकि मंगलवार से जलस्तर कम हुआ है मगर जमीन के दलदली होने तथा गहरे कीचड़ से ये घाट श्रद्धालुओं और व्रतियों की भीड़ के लिहाज से अब भी सुरक्षित नहीं हैं। जिस के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि काफी दिनों बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है, जब छठ के मौके पर नदी में बाढ़ है। पानी इतना अधिक है कि लोगों को बांध पर से ही अर्घ्य देना पड़ेगा।
नगर निगम की महापौर अनीता राम ने कहा कि बूढी गंडक नदी में अप्रत्याशित बढे जलस्तर को देखते हुए नदी तट के किनारे जहां-जहां पर ऊंचे स्थान हैं। वहां पर साफ सफाई कर अस्थायी तालाब बनवाया जा रहा है। ताकि वहां छठ व्रती अर्घ्य दान कर सकें।
उन्होंने कहा कि बूढी गंडक नदी तट पर जितनी संख्या में लोग पूजा करने के लिए पहुंचते हैं, उतनी व्यवस्था तो संभव नहीं है इसलिए लोगों को वैकल्पिक रूप से अपने घरों पर भी अर्घ्य दान करना चाहिए।