
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
ताजपुर। खेत बचाओ अभियान केवल नारा नहीं, बल्कि देश की आत्मा कृषि और देश की धड़कन किसान की आय बचाने का मिशन है। केवीके बिरौली के माध्यम से विश्वविद्यालय लैब-टू-लैंड को सार्थक कर रहा है। शुक्रवार को ताजपुर प्रखण्ड के कोठिया गांव में कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पाण्डेय ने उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि, विश्वविद्यालय का प्रयास है कि हर पंचायत में प्राकृतिक खेती का एक मॉडल और मृदा स्वास्थ्य कार्ड बने।
लगाए गए प्राकृतिक खेती एवं रबी फसलों के उन्नत प्रभेदों के स्टॉल :
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कृषि विज्ञान केन्द्र, बिरौली द्वारा शुक्रवार को ताजपुर प्रखण्ड के कोठिया गांव में कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान – 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों के आकर्षण हेतु विश्वविद्यालय द्वारा प्राकृतिक खेती एवं रबी फसलों के उन्नत प्रभेदों के स्टॉल लगाए गए, वहीं बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा भी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे।

विश्वविद्यालय कर रहा डिजिटल एग्रीकल्चर में पूर्वी भारत का नेतृत्व :
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा सराहनीय कार्य कर रहा है। कुलपति डॉ. पाण्डेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय डिजिटल एग्रीकल्चर के क्षेत्र में पूर्वी भारत का नेतृत्व कर रहा है। दीक्षारंभ जैसे अभिनव प्रयोग और विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कई नए प्रभेद आज पूरे देश में बिक रहे हैं, यह गर्व की बात है।
फाइनल परीक्षा से पहले ही 100 प्रतिशत प्लेसमेंट उत्साहवर्धक :
उन्होंने राज्य के कृषि अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि आवश्यक है कि किसान को सही बीज मिले, पशुधन संवर्धन हो और मृदा जांच प्रयोगशाला पंचायत स्तर पर हो। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती कहां-कहां हो रही है, इसका दस्तावेजीकरण अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने 2022 में देश में सबसे पहले स्नातक स्तर पर प्राकृतिक खेती का कोर्स शुरू किया और उसके सभी छात्रों का फाइनल परीक्षा से पहले ही 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हो गया। यह उत्साहवर्धक है।
समापन :
कार्यक्रम का समापन किसान-वैज्ञानिक संवाद और उन्नत बीज वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम में जिले भर से 400 से अधिक कृषक बंधु एवं भगिनियों ने सहभागिता की।
उपस्थिति :
मौके पर मोरवा विधायक रणविजय साहू, बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ. तरुण कुमार, विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान, निदेशक प्रसार शिक्षा, मत्स्यिकी महाविद्यालय ढोली एवं तिरहुत कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता, जिला कृषि पदाधिकारी एवं कोठिया के स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
