
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क बिथान बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन अंचल कमेटी बिथान के बैनर तले सोमवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय बिथान में जोरदार प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों की संख्या में मजदूर, किसान, महिलाओं एवं युवाओं ने बिथान बाजार से जुलूस निकालकर प्रमुख मांगों को लेकर नारेबाजी की।
गरीबों का नाम वोटर लिस्ट से काटना बंद करो, मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपए दैनिक मजदूरी की गारंटी करो, सभी बासहीनों को आवास दो, बिथान बाजार से ठठेरबा तक सड़क का जीर्णोद्धार करो, सीओ कार्यालय में व्याप्त घूसखोरी पर रोक लगाओ आदि के साथ प्रदर्शनकारी प्रखंड कार्यालय पहुंचे। जहां जुलूस एक सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता कामरेड पुरुषोत्तम पासवान ने की।
मुख्य वक्ता के तौर पर जिला सचिव कामरेड राम दयाल भारती ने कहा कि गरीबों और मजदूरों के हक को दबाने वाली नीतियों के खिलाफ यह आंदोलन चेतावनी है। उन्होंने कहा कि जब तक मोदी सरकार अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ती, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। सरकार द्वारा मनरेगा के तहत काम के दिनों और मजदूरी में बढ़ोतरी, बासहीन लोगों को आवास, सड़क एवं प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर कार्रवाई जैसी मांगों को यदि गंभीरता से नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और तेज होगा।
सभा को संबोधित करते हुए अंचल सचिव कामरेड एतवारी मुखिया ने कहा कि सरकार की नीतियां आम जनता से दूरी बना रही हैं। वहीं अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मनरेगा को मजाक बना दिया गया है, हफ्तों मजदूरों को काम नहीं मिलता।
तारा देवी ने महिला मजदूरों की दुर्दशा पर रोशनी डालते हुए कहा कि उन्हें समय पर काम और मजदूरी नहीं मिलती। तारनी प्रसाद सिंह ने प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्व् कार्यालय में बिना रिश्वत कोई काम नहीं होता। अखिल देव भारती ने सड़क की जर्जर हालत का जिक्र करते हुए कहा कि ठठेरबा जाने वाली मुख्य सड़क जानलेवा बन चुकी है। राम सिंहासन राय ने वोटर लिस्ट से गरीबों का नाम काटे जाने की कड़ी निंदा की।
सभा के उपरांत कामरेड राम दयाल भारती के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को विस्तार से रखा। अधिकारियों के साथ सम्मानजनक संवाद के बाद प्रदर्शन कार्यक्रम को शांतिपूर्वक समाप्त किया गया। कार्यक्रम में भारी संख्या में मजदूरों, किसानों, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि आमजन की आवाज अब और दबाई नहीं जा सकती।
यूनियन ने चेताया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।