
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। मंगलगढ़ में 35 वर्षों से अधिक से बसे 907 भूमिहीन परिवारों को उजाड़ने के खिलाफ 12 मार्च से शुरू अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन, दूसरे दिन जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद शुक्रवार को देर शाम खत्म हो गया। दरअसल भाकपा माले प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिलाधिकारी से मुलाकात की और, मामले से संबंधित तमाम सबूतों का दस्तावेज जिलाधिकारी को सौंपा।
उजाड़े गए परिवारों के पुनर्वास का आश्वासन :
जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा द्वारा दस्तावेज अवलोकन के बाद मामले को गंभीर बाते हुए जांच कराकर उजाड़ने एवं सरकारी जमीन हेराफेरी करने के दोषियों पर कारवाई करने एवं जांच में सही पाये जाने पर उजाड़े गए तमाम परिवारों के पुनर्वास का आश्वासन दिया।
भाकपा माले जिला सचिव ने दी जानकारी :
जिलाधिकारी के आश्वासन की जानकारी देते हुए भाकपा माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने कहा कि, जिले के तमाम भूमिहीनों को वास भूमि एवं आवास देने, सरकारी जमीन पर बसे को पर्चा एवं पर्चाधारी को कब्जा दिलाने की माले की मांग को भी जिलाधिकारी ने गंभीरतापूर्वक लेते हुए इस दिशा में भी उचित कारवाई का आश्वासन दिया है।
5 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने की मुलाकात :
मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट के साथ जिलाधिकारी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में भाकपा माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार, खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान, जिलाध्यक्ष उपेंद्र राय, माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ललन कुमार, मंगलगढ़ निवासी रमेश महतो आदि शामिल थे।
आंदोलन समाप्ति की घोषणा :
जिलाधिकारी के ठोस आश्वासन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारियों को संबोधित किया और उनसे सहमति प्राप्त होते ही दो दिनों से जारी घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की।