
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेल की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘मशाल 2026’ के माध्यम से विद्यालयों में नियमित शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मशाल 2026’ के तहत दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए डीपीओ सुभम कसौधन ने उक्त बातें कही।
शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण :
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में कई प्रतिभाशाली बच्चे होते हैं, जिन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाता। कार्यक्रम के माध्यम से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे की खेल गतिविधियों और उपलब्ध अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसमें शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
अधिकाधिक बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित कराने का आह्वान :
श्री कसौधन ने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इसका प्रभाव विद्यालयों में दिखाई दे। इस क्रम में उन्होंने शारीरिक शिक्षा शिक्षकों से विद्यार्थियों को नियमित खेल एवं व्यायाम के लिए प्रेरित करने तथा खेल गतिविधियों में अधिक से अधिक बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित कराने का आह्वान किया।
45 शारीरिक शिक्षा शिक्षक हुए शामिल :
विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करने के उद्देश्य से ‘मशाल 2026’ के तहत दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार से जिला खेल भवन के सभागार में शुरू हुआ। प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों से नामित करीब 45 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
उद्घाटन :
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान सुभम कसौधन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान शिक्षकों को ‘मशाल 2026’ की गतिविधियों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
शिक्षकों को दी गई व्यावहारिक जानकारी :
प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक शिक्षा शिक्षक एवं स्टेट ट्रेनर जितेन्द्र कुमार, राहुल कुमार, उमेश कुमार, विघ्नेश कुमार और निखिल कुमार सिंह ने पंजीयन, शारीरिक दक्षता परीक्षण, खेल गतिविधियों के संचालन, प्रदर्शन के मूल्यांकन और अभिलेख संधारण की प्रक्रिया सहित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। जिला स्तरीय मेंटर सुभीत कुमार सिंह एवं संभाग प्रभारी रमेश कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने गतिविधियों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के साथ अपने अनुभव भी साझा किए।