
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पूसा। “योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। जब आज की तेज रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव, धैर्यहीनता, रक्तचाप, मधुमेह आदि जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में, जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में स्थाई सफलता केलिए मानसिक एकाग्रता और शारीरिक ऊर्जा दोनों जरूरी हैं।”
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. रामदत्त ने मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि, “भ्रामरी, प्राणायाम आदि जैसे अभ्यास से मन शांत होता है, फोकस बेहतर होता है और हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ता है। हमारा लक्ष्य है कि विश्वविद्यालय परिवार का हर सदस्य प्रसन्न और स्वस्थ रहे, ताकि वह राष्ट्र के लिए बेहतर योगदान दे सके।”
उद्देश्य :
बताते चलें कि, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व ‘योग एवं ध्यान द्वारा हैप्पीनेस इंडेक्स ऑग्मेंटेशन’ विषयक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह 6 से 7 बजे तक चले इस सत्र का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले छात्रों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों को योग के प्रति जागरूक करना तथा उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था।
परिचय सत्र से शुरुआत :
कार्यक्रम की शुरुआत परिचय सत्र से हुई, जिसके बाद प्रतिभागियों ने सरल योगासन और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास किया। सभी प्रतिभागी योगा मैट पर बैठकर आँखें बंद कर कानों को उंगलियों से दबाकर मधुर गुंजन करते दिखे।
योग दिवस पर भी बृहद आयोजन :
इस दौरान डॉ. रामदत्त ने कहा कि, “विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि, योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए। इसी कड़ी में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी बृहद आयोजन किया जाएगा।”
लक्ष्य और उपस्थिति :
कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य प्रतिभागियों का समग्र विकास करना था, जिससे उनकी ऊर्जा स्तर, एकाग्रता, माइंडफुलनेस और समग्र स्वास्थ्य में वृद्धि हो सके। प्रतिभागियों ने भी माना कि सुबह के सत्र से उन्हें दिनभर स्फूर्ति और सकारात्मकता का अनुभव हुआ। कार्यक्रम में डॉ. रितंभरा, डॉ. संजीत कुमार समीर, डॉ. कुमार राज्यवर्धन सहित स्कूल के कई शिक्षकों एवं वैज्ञानिकों ने भाग लिया।