
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के स्नातकोत्तर कृषि महाविद्यालय अन्तर्गत प्राकृतिक खेती विद्यालय, पूसा के बी०एससी० कृषि (प्रतिष्ठा) प्राकृतिक खेती के अंतिम वर्ष के छात्रों का, मेसर्स सावित्री रिन्यूएबल एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड, पटना (बिहार), मेसर्स भीमा कामत, अररिया (बिहार) एवं अक्षयकल्प आर्गेनिक, शारदानगर, टिपटूर, कर्नाटक द्वारा इंटर्नशिप कार्यक्रम हेतु चयनित किया है।
प्रथम बैच में 100 प्रतिशत नियोजन :
जिससे डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा स्थित प्राकृतिक खेती विद्यालय, पूसा के प्रथम बैच (वर्ष 2023 – 27 ) में नामांकित छात्रों बी०एससी० कृषि (प्रतिष्ठा) ‘प्राकृतिक खेती’ को शत- प्रतिशत (100 %) नियोजन का अवसर प्राप्त हो चुका है।
प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव :
जिसमें मेसर्स सावित्री रिन्यूएबल एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड, पटना (बिहार) ने 9, मेसर्स भीमा कामत, अररिया (बिहार) ने 4, एवं मेसर्स अक्षयकल्प आर्गेनिक, शारदानगर, टिपटूर, कर्नाटक द्वारा 2 छात्रों को इंटर्नशिप कार्यक्रम हेतु चयनित किया है। यह इंटर्नशिप कार्यक्रम छात्रों को रिन्यूएबल एनर्जी, टिकाऊ खेती, कार्बनिक कचरा प्रबन्धन, बायोगैस टेक्नोलॉजी तथा प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
क्या करेंगे छात्र? :
चयनित छात्र गोवर्धन परियोजनाओं, कचरा से ऊर्जा विकास तंत्र, कार्बनिक खेती मॉडल, वर्मी कम्पोस्टिंग एवं ग्रामीण सतत विकास कार्यक्रमों से जुड़ी परियोजनाओं पर कार्य करेंगे। जबकि मेसर्स अक्षय कल्प आर्गेनिक, शारदानगर, टिपटूर, कर्नाटक ने अपने अधीनस्थ चयनित छात्रों को सम्बन्धित मार्केटिंग के क्षेत्र में दक्षता प्राप्त करने का अवसर दिया है। जबकि, मेसर्स भीमा कामत प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि एवं किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के क्षेत्र में कार्य कर रहा है।
2 से 6 लाख के पैकेज पर नियोजन :
संस्था का उद्देश्य किसानों को रसायन मुक्त खेती, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि मॉडल के प्रति जागरूक करना है। इंटर्नशिप एवं शैक्षणिक अहर्ता सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद छात्रों को मेसर्स सावित्री रिन्यूएबल एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड, पटना (बिहार) एवं सहयोगी संस्थाओं के द्वारा प्रदर्शन, कौशल एवं कार्य अनुभव के आधार पर, ₹2 लाख से ₹6 लाख वार्षिक पैकेज पर नियोजन का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
कुलपति ने सराहा :
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति, डॉ पुण्यव्रत सुविमलेन्दु पाण्डेय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, “इस प्रकार के शैक्षणिक सह उद्यमिता संयोजन से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है तथा शिक्षा और वास्तविक कार्यान्वयन के बीच की दूरी कम होती है।” उन्होंने कहा कि, “प्राकृतिक खेती, रिन्यूएबल एनर्जी एवं टिकाऊ खेती के क्षेत्र में युवाओं के लिए अपार संभावनाएँ हैं।”
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने दी बधाई :
राज्य मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, रामनाथ ठाकुर ने बताया कि, “जलवायु परिवर्तन एवं कृषि रसायनों पर निर्भरता कम करने के लिए इन कृषिकरण विधाओं के प्रचार – प्रसार के लिए उच्चतर दक्षता प्राप्त कर, ये छात्र प्राकृतिक खेती के योद्धा की तरह, देश और राज्य के कृषि विकास में योगदान देंगे।”अपने संबोधन में उन्होंने विशेषकर छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनायें दी।
महत्वपूर्ण कदम :
विश्वविद्यालय प्रशासन एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने इस पहल को विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं रोजगार उन्मुख शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।