Close Menu
  • होम |
  • देश/विदेश |
  • राज्य |
  • बिहार |
  • समस्तीपुर |
  • बिजनेस |
  • कृषि |
  • शिक्षा |
  • धर्म |
  • उपलब्धि |
  • सामाजिक |
  • विविध |
  • स्वास्थ्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • वैज्ञानिकों ने किया बीज प्रक्षेत्र का निरीक्षण
  • जनगणना 2027 – मीडिया कर्मियों केलिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
  • डिजीटल युग में आंखों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी : संजीव पाण्डेय
  • अक्षय तृतीया पर बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन सख्त
  • 10 इंच जमीन के लिए बह रहा खून : प्रशासन की नाकामी या सिस्टम की मौत?
  • जनगणना 2027 आरम्भ, जिलाधिकारी ने किया उद्घाटन
  • जनगणना में शत-प्रतिशत सटीकता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक : डीएम
  • 23वाँ समस्तीपुर जिला स्कूल ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2026 आरम्भ
Facebook X (Twitter) Instagram
Login
OINI24
  • होम |
  • देश/विदेश |
  • राज्य |
  • बिहार |
  • समस्तीपुर |
  • बिजनेस |
  • कृषि |
  • शिक्षा |
  • धर्म |
  • उपलब्धि |
  • सामाजिक |
  • विविध |
  • स्वास्थ्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Login
OINI24
  • होम |
  • देश/विदेश |
  • राज्य |
  • बिहार |
  • समस्तीपुर |
  • बिजनेस |
  • कृषि |
  • शिक्षा |
  • धर्म |
  • उपलब्धि |
  • सामाजिक |
  • विविध |
  • स्वास्थ्य
Home » गठिया की जटिल स्थिति है लकवा : डॉ. मनोज कुमार सिंह

गठिया की जटिल स्थिति है लकवा : डॉ. मनोज कुमार सिंह

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष बातचीत में गठिया पर चर्चा
Dr. Sanjay KumarBy Dr. Sanjay Kumar13/04/2026No Comments4 Mins Read
Facebook WhatsApp Twitter Email
डॉ. मनोज कुमार सिंह।

ओईनी न्यूज नेटवर्क।

Oini 24 समस्तीपुर। ’लकवा’ गठिया की एक जटिल व त्रासद स्थिति है, जिसके कारण, लक्षण और परिणाम अलग-अलग होते हैं। चेतावनी के संकेतों को जल्दी पहचानने, सही निदान और समय पर इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है। जिससे कामकाज और जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार हो सकता है। 

विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शहर के आदर्श नगर स्थित श्री रामचंद्र अस्पताल के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने रविवार को संवाददाता से बातचीत के दौरान उक्त बातें कही।

गर्मियों में शरीर को ठंडा रखना, हाइड्रेटेड रहना जरूरी :

उन्होंने बताया कि, गर्मी के मौसम में गठिया, लकवा और नस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अत्यधिक गर्मी नसों में सूजन और जोड़ों के दर्द को बढ़ा सकती है। इसलिए इससे बचने के लिए शरीर को ठंडा रखना, हाइड्रेटेड रहना और सही दिनचर्या अपनाना बहुत जरूरी है। 

जोड़ों को हिलाने में कठिनाई होना गठिया रोग का संकेत :

डॉ. सिंह ने बताया कि, गठिया पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रभावित करता है। समय रहते समुचित इलाज न कराने पर यह समय के साथ लगातार बिगड़ सकती है। जितनी जल्दी हो सके अपने चिकित्सक से उपचार कराने से जोड़ों को स्थायी क्षति से बचाया जा सकता है। जोड़ों को हिलाने में कठिनाई होना गठिया रोग का संकेत हो सकता है। 

प्रकार और प्रभाव : 

उन्होंने बताया कि, आर्थराइटिस (गठिया) जोड़ों में सूजन, दर्द और अकड़न पैदा करने वाली स्थितियों का एक समूह है, जिसके 100 से अधिक प्रकार होते हैं। इनमें कुछ मुख्य प्रकार उल्लेखनीय हैं। यथा, 

– ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis – OA) : यह सबसे आम प्रकार है, जो उम्र के साथ जोड़ों के कार्टिलेज (उपास्थि) के टूटने के कारण होता है। यह मुख्य रूप से घुटने, कूल्हे और रीढ़ को प्रभावित करता है। यह सबसे अधिक पायी जाने वाली परेशानी है। जो समय के साथ आघात अवशोषक उपास्थि के घिसने के कारण होती है। यह बीमारी उम्र के साथ बिगड़ती जाती है।

– रूमेटॉइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis – RA) : यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ों के ऊतकों पर हमला करती है, जिससे सूजन और दर्द होता है।

– गाउट (Gout) : यह जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा होने के कारण होता है। जिससे आमतौर पर पैर के अंगूठे में अचानक तीव्र दर्द और सूजन होती है।

– सोरायटिक आर्थराइटिस (Psoriatic Arthritis) : यह सोरायसिस (त्वचा रोग) से पीड़ित लोगों को प्रभावित करता है, जिसमें जोड़ों में दर्द और सूजन होती है।

– जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस (Juvenile Idiopathic Arthritis – JIA) : यह 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में होने वाला सबसे आम गठिया है।

– एंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis) : यह मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी और पीठ के निचले हिस्से के जोड़ों को प्रभावित करता है, जिससे रीढ़ में अकड़न आ सकती है।

पसीना आने से मांसपेशियों में दर्दनाक ऐंठन और मरोड़ :

डॉ. सिंह ने कहा कि, हीट क्रैम्प्स, गर्मी से होने वाली बीमारी का सबसे हल्का रूप है। गर्मी के कारण नसें फैल जाती हैं, जिससे उनका ठीक से काम करना और भी मुश्किल हो जाता है और खून नसों में ही जमा रहने लगता है। जिस कारण तीव्र व्यायाम और अत्यधिक गर्मी में पसीना आने से मांसपेशियों में दर्दनाक ऐंठन और मरोड़ उत्पन्न होता है।

लक्षणों दिखे या महसूस हो तो चिकित्सक से करें संपर्क :

वैरिकोज वेन्स पहले से ही दिखने में गहरे रंग की और उभरी हुई होती हैं और इनके कारण पैरों में दर्द, खुजली और भारीपन भी हो सकता है। ऐसे में, अतिरिक्त गर्मी इस समस्या को और भी बढ़ा देती है। यदि शुरुआत में ही समुचित ईलाज किया जाए तो गठिया ठीक हो सकता है। डॉ. सिंह ने कहा कि, यदि आपको बहुत अधिक दर्द या पैरों में काले निशान या कोई अन्य लक्षण दिखाई दें या महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें यह गठिया का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है।

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Arthritis Dr Manoj Kumar Singh Shri Ramchandra Hospital Samastipur Shri Ramchandra Seva Trust
Share. Facebook WhatsApp Twitter Email
Dr. Sanjay Kumar
  • Website

Related Posts

डिजीटल युग में आंखों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी : संजीव पाण्डेय

18/04/2026

8वें पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत पोषण मेला आयोजित

16/04/2026

प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर शून्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम – डॉ. राणा नितेश

15/04/2026
Leave A Reply Cancel Reply

Donate Now

Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 oini24. Designed by CS.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?