
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 विद्यापतिनगर। “भक्ति भाव की पराकाष्ठा के अधिष्ठाता एवं भक्ति परंपरा के आधार स्तंभ कवि कोकिल विद्यापति की रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उनके भक्ति गीत आज भी मिथिला के कण कण में जीवंत हैं। भक्तिभाव की पराकाष्ठा से समाहित रचनाओं के जरिए महाकवि ने धार्मिक व सांस्कृतिक चेतना का अलख जगाकर विश्व भर में मिथिलांचल का मान बढ़ाया।”
बिहार सरकार में जल संसाधन, संसदीय कार्य मंत्री व सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार को भक्त और भगवान की मिलन स्थली सह कवि कुलभूषण महाकवि विद्यापति ठाकुर की महाप्रयाण स्थली श्री विद्यापतिधाम में उगना महादेव मंदिर के पार्श्व स्थित रेलवे मैदान में आयोजित तीन दिवसीय 13 वें विद्यापति राजकीय महोत्सव का उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही।

उन्होंने कहा कि, “जिन्होंने अपने समर्पित भक्तिभाव से भगवान तक को अपना दास बना लिया उस विद्यापति को भी इस स्थान की पवित्रता और धार्मिकता का अहसास हुआ तभी तो उन्होंने महा प्रयाण के लिए इस धरती को चुना। भक्ति भाव से आराध्य को दास बनाने का कोई दूसरा उदाहरण नहीं है। इसीलिए उन्हें भक्त शिरोमणि भी कहा जाता है।”
मंत्री श्री चौधरी ने युवा पीढ़ी से, भक्त व भगवान की नगरी से संबंधित किवदंतियों, विशेषताओं व विद्यापति जी की रचनाओं को आत्मसात करने की आवश्यकता जताते हुए कहा कि, “सांस्कृतिक भावनाओं व सामाजिकता का विकास ही इस महोत्सव का उद्देश्य है।”
स्वामी विवेकानंद को किया याद :
इसी दौरान उन्होंने युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए कहा कि, स्वामी जी ने विश्व पटल पर भारत के आध्यात्मिक छवि की श्रेष्ठता को स्थापित किया।
विद्यापति परिषद के अध्यक्ष सहित समस्त आयोजक की प्रशंसा :
अपने संबोधन में उन्होंने विद्यापति परिषद के अध्यक्ष गणेश गिरी कवि सहित सभी सदस्यों की दशकों से समारोह के सफल आयोजन में निरंतर सहभागिता और प्रयासों भूरि-भूरि प्रशंसा की।

उद्घाटन :
बताते चलें कि सोमवार को अतिथियों के स्वागत सम्मान के बाद, मंत्री सह स्थानीय विधायक विजय कुमार चौधरी, राज्यसभा सांसद सह कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, विधायक वीरेंद्र कुमार पासवान, विधान पार्षद डॉ तरुण कुमार, डीएम रौशन कुशवाहा, जयकृष्ण झा आदि ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर तीन दिवसीय 13वें विद्यापति राजकीय महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया।
स्वागत और सम्मान :

इसके पूर्व जिला प्रशासन व कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव के उद्घाटन सत्र के दौरान सबसे पहले जिला प्रशासन ने आगत अतिथियों का स्वागत व अभिनन्दन किया। इस क्रम में डीएम रोशन कुशवाहा ने मंत्री विजय कुमार चौधरी व केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर को पाग, चादर व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं विधान पार्षद डॉ. तरुण कुमार व विधायक वीरेंद्र कुमार को अपर समाहर्ता राजेश कुमार सिंह, तथा अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार पांडेय को एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा ने सम्मानित किया।
मंगलाचरण व गोसाऊनी गीत के साथ समारोह शुरू :
उद्घाटन के बाद वागीश झा व रमन शंकर भारद्वाज के मंगलाचरण एवं विद्यापति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मऊ बाजिदपुर दक्षिण की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गान व विद्यापति रचित गोसाऊनी गीत ‘जय जय भैरवि असुर भयाउनि’ के साथ समारोह ने दिशा पकड़ी।
अतिथियों ने कहा :
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि व कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि, “यह पुण्य की धरती है। यह उस महाकवि की महाप्रयाण स्थली है जिसने अपनी भक्ति, प्रेम, विरह व श्रृंगार रस की रचनाओं से जन-जन के मन में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।”
अपने संबोधन में विधान पार्षद डा. तरुण कुमार ने कहा कि, “महाकवि विद्यापति युगद्रष्टा कवि थे। उन्होंने मैथिली व भारतीय काव्य जगत को नया आयाम दिया। जब तक मैथिली भाषा है तब तक विद्यापति जी अमर है।”
वहीं, विधायक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि, “महाकवि भक्ति साहित्य के प्रमुख स्तंभ थे।”
मै गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं, आप सौभाग्यशाली हैं :
स्वागत भाषण के दौरान जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा कि, “तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में मिथिला और मैथिली संस्कृति का झलक देखने को मिलेगी। मैं अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मुझे महाकवि विद्यापति के इस पावन स्थली पर काम करने का मौका मिला। आप लोग हमसे अधिक सौभाग्यशाली है कि आपका जन्म ही यहीं हुआ है।”
इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम की सफलता को ले कर उन्होंने आगत अतिथियों और उपस्थित जन-समूह के प्रति जिला प्रशासन की ओर से अपनी कृतज्ञता जताई।
विद्यापति परिषद अध्यक्ष गणेश गिरि कवि ने महाकवि विद्यापति से जुड़ी विभिन्न किवदंतियों का जीवंत चित्रण करते हुए इस स्थल की महिमा के इतिहास का बोध कराया। उद्घाटन सत्र का संचालन चर्चित उद्घोषक अनंत कुमार राय ने किया।
