
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। जिले के व्यस्त इलाकों में वेंडिंग जोन एवं पार्किंग जोन का व्यवस्था किये जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान सिर्फ प्रशासनिक नौटंकी है और कुछ नहीं। भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने गुरुवार को पीड़ितों से मुलाकात के क्रम में इसे गरीब विरोधी कार्रवाई करार देते हुए उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान गरीब सताओ अभियान बन गया है। एक ओर से प्रशासन अतिक्रमण सिर्फ फूटपाथी दुकानदार, झुग्गी-झोपड़ी वासियों को हटाते हुए आगे बढ़ती है और पुनः पीछे से दुकान लगना शुरू हो जाता है। हो भी क्यों नहीं आखिर उन्हें भी तो जीविकोपार्जन केलिए रोजगार चाहिए।
श्री सिंह गुरुवार को अतिक्रमण खाली कराये गये इलाकों का जायजा ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने उजाड़े गये बेसहारा फूटपाथी दुकानदारों, झुग्गी-झोपड़ी वासियों से मिलकर उनके दुख-तकलीफ को सुना।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बिना पूर्व तैयारी का अतिक्रमण हटाने को निकल पड़ी। पहले आम बैठक कर प्रस्ताव लेकर वेंडिंग जोन, पार्किंग जोन का व्यवस्था करना चाहिए, लोगों को अतिक्रमण हटाने की जरूरत बता कर प्रभावित लोगों को विश्वास में लेना चाहिए था। लेकिन ऐसा करना प्रशासन मुनासिब नहीं समझा।
जिसका परिणाम हुआ कि अतिक्रमण हटाओ अभियान अपने उद्देश्य से मीलों दूर रास्ते में ही दम तोड़ता प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि पक्षपातपूर्ण अतिक्रमण हटाये जाने के कारण राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों का भी सहयोग प्रशासन को नहीं मिल रहा है। आखिर कब तक सिर्फ फूटपाथी दुकानदारों एवं झुग्गी-झोपड़ी तक ही अतिक्रमण हटाओ अभियान को सीमित रखा जाएगा।
माले नेता ने कड़े लहजे में पूछा कि सड़क किनारे बने पक्का मकान, दुकान आदि को प्रशासन क्यों नहीं हटा रही है। काशीपुर पोखर, बारह पत्थर एवं धरमपुर स्थित नगर निगम की जमीन, मारवाड़ी बाजार, गोला रोड, गैरमजरुआ आम, नरहन स्टेट एवं बनारस स्टेट की सीलिंग से फाजिल जमीन से अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया जा रहा है।
काशीपुर स्थित बालिका उच्च विद्यालय के पास करीब 5 कट्ठा राम-जानकी मठ का जमीन कहां चला गया। काशीपुर ठाकुरबाड़ी का जमीन कहां चला गया। ताजपुर के नीम चौक, गोला रोड, थाना के पूर्वी चौक आदि जगहों पर बने पक्का मकान, दुकान किसके इशारे पर नहीं हटाया जा रहा है।
माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने वेंडर सुरक्षा अधिनियम 2014 का चर्चा करते हुए कहा है कि यह एक्ट भारत में शहरी पर विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) के आजीविका अधिकारों की रक्षा और उनके काम को विनियमित करने के लिए बनाया गया है।
ताकि उन्हें उत्पीड़न से बचाया जा सके और उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिल सके, जिसमें वेंडिंग जोन का निर्धारण, टाउन वेंडिंग कमिटी (टीवीसी) का गठन और शिकायत निवारण तंत्र शामिल हैं। ठीक ऐसा ही पार्किंग जोन के लिए भी प्रावधान है। फिर जिला प्रशासन कैसे बगैर पुनर्वास एवं पार्किंग की व्यवस्था के अतिक्रमण हटाने को निकल पड़ी।
माले नेता ने प्रशासन से आम बैठक बुलाने, अतिक्रमण हटाने से पहले वेंडिंग जोन एवं पार्किंग जोन की व्यवस्था करने, निष्पक्ष रूप से कच्चा समेत पक्का निर्माण भी सभी सड़कों से हटाने की मांग की है।