
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। मानव तभी मानव बनता है जब मानवाधिकार का सम्मान हो। जब हर व्यक्ति परस्पर जात-पात, ऊँच-नीच, धर्म, संप्रदाय, लिंग, वर्ण एवं रंग आदि संकीर्णताओं से ऊपर उठकर एक दूसरे के अधिकारों की रक्षा करें।
समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर के प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ´शशि` ने, बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई 2 के तत्वाधान में आयोजित युवा और मानवाधिकार- जागरूकता, जिम्मेदारी एवं नेतृत्व विषयक एक संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, न्याय, आस्था, आत्म निर्णय, तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ ससम्मान जीवनयापन पर सबका सामान अधिकार है। इसे किसी से कोई नहीं छीन सकता। इसे सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने मानवाधिकार आयोग का गठन कर रखा है।
प्राचार्य डॉ शशि के नेतृत्व में प्राध्यापकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर संगोष्ठी का विधिवत उद्घाटन किया गया। तदोपरांत अपने संबोधन में प्राचार्य ने वास्तविक जीवन के उदाहरणों से मानवाधिकार के महत्व को बताया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ महेश कुमार चौधरी ने कहा कि मानव अधिकार हर व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता का आधार है। अपने अधिकारों के प्रति युवाओं को जागरूक बनकर अन्य लोगों भी जागरूक बनाना होगा। तभी मानवाधिकार की महत्ता सही अर्थों में बनी रहेगी ।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ने भारत के नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन निबंध लेखन प्रतियोगिता 2025 (हिंदी) में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक अरजू हुसैन को उनकी प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी में छात्रों ने भी संदर्भित विषय पर अपने विचार रखे। छात्र-छात्राओं ने शायरी, कविता एवं भाषण देकर समाज को संदेश पहुंचाने का काम किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई 2 के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ शालिनी कुमारी भवासिंका ने किया।
मौके पर महेश कुमार चौधरी, आशीष कुमार, चंदन कुमार, नवनीत कुमार, दीपमाला कुमारी, अंशु कुमार, अभिनव कुमार, जागृति कुमारी, जयमाला कुमारी, पप्पू कुमार, निखिल कुमार, सुजीत कुमार, राजू कुमार आदि मौजूद थे।