
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। वर्तमान सरकार पूरी संवेदनहीन है और अधिनायक वाद की ओर अग्रसर है। अपने अधिकारों के साथ साथ स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ और व्यवस्थित करने के लिए भी हमे ही आगे आना होगा। बिहार चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ प्रखंड शाखा सिंघिया के 19वेँ राज्य सम्मेलन में खुले सत्र का उद्घाटन करते हुए बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व राज्याध्यक्ष लक्ष्मी कांत झा ने उन्हेांने उक्त बातें कही।
उन्हेांने कहा कि हमे भूलना नहीं चाहिए कि इस सरकार ने नोट बंदी, करोना और अभी हवाई यात्रा के दरम्यान कैसे पूरे देश को परेशान किया है। इस दौरान श्री झा ने सिंघिया के कर्मचारी आंदोलन के इतिहास की याद दिलाते हुए अपने वाजिब हक केलिए लक्ष्य पाने तक निरंतर आगे बढ़ते रहने का आवाहन किया।
बताते चलें कि बिहार चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ प्रखंड शाखा सिंघिया का 19वां राज्य सम्मेलन सोमवार को सीएचसी सिंघिया के सभागार में साथी रमेश कुमार एवं मिथिलेश झा की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
कार्यक्रम का संचालन साथी सोचेंद्र सिंह ने किया। इसके पुर्व गगन भेदी नारों के बीच झंडोतोलन कर साथी रमेश कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस दौरान पूरा परिसर साथियों के शहीदों को लाल सलाम के नारों से गुंज उठा। तत्पश्चात उपस्थित स्वास्थ्य कर्मी सीएचसी से झंडा बैनर के साथ शोभा यात्रा निकाली। यह शोभा यात्रा बथान चैक से होकर पुनः सीएचसी परिसर में पहुंचा और बैठक में तब्दील हो गया।
इसके पुर्व सबसे पहले स्वागत समिति ने सम्मेलन में आए अतिथियों को माला और चादर प्रदान कर अभिनंदन किया। बैठक के दौरान मुख्य वक्ता साथी राजीव रंजन के सरकार से एनपीएस व यूपीएस पर रोक लगाने एवं सभी कर्मीयों का ओपीएस देने की मांग की।
प्रतिनिधि सत्र का उद्घाटन करते हुए बिहार चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पूर्व महामंत्री अरुण कुमार सिंह ने कहा कि आज जो कुछ हम पा रहे है यह निरंतर व लंबे संघर्ष का सुपरिणाम है। करोना काल में सरकार ने कहा की सभी स्वास्थ्य कर्मी को अग्रिम वेतन दिया जाएगा, हमने करोना में पूरी निष्ठा व जिम्मेदारी से प्रतिबद्धतापूर्वक अपन दायित्व का निर्वहन करते हुए काम किया। परंतु आज तक उक्त अवधि के 19 महीने का महंगाई भत्ता नहीं दिया।
उन्हेांने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था आज संक्रमण से गुजर रहे है। देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा जिले में चिकित्सक की घोर कमी है, मेडिकल स्टॉफ नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब कोई आवास नहीं है। कार्यस्थलों पर आवश्यक सुविधाओं का घोर आभाव है। अस्पतालों में गुणवत्ता पूर्ण दवा नहीं दी जा रही है। श्री अरुण कुमार सिंह ने कर्मचारियों को एक जुट होकर संघर्ष को बढ़ाने की अपील की।
सम्मेलन को श्रीमती रंजना कुमारी,रेखा कुमारी, शैलेन्द्र कुमार, बिंदु कुमारी सिंह, पूजा भारती, मीनू कुमारी, एवं निरंजन कुमार ने संबोधित करते हुए सम्मेलन की सफलता की शुभ कामना दी। स्वागत मंत्री संजय कुमार ने सम्मेलन में उपस्थित साथियों का स्वागत किया।
इसके पुर्व प्रखंड मंत्री राम प्रवेश सिंह ने विगत सम्मेलन से लेकर अभी तक अपने कार्यों का प्रतिवेदन सदन में रखा। प्रखण्ड मंत्री के प्रतिवेदन पर अवलेश कुमारी, गीतांजलि कुमारी, रंजू कुमारी,नीलम कुमारी, विभा कुमारी, किरण कुमारी, रानी आराधना ने अपने विचार व्यक्त किए।
तत्पश्चात सर्व सम्मति से मंत्री प्रतिवेदन एवं कोष प्रतिवेदन पारित किया। अंत में जिला मंत्री राजीव रंजन एवं रंजना कुमारी के नेतृत्व में अगले सत्र के पदधारकों का चयन किया गया।