
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। जनता ने तो बिहार में बदलाव का पूरा मन बना लिया था लेकिन, चुनाव आयोग की बेइमानी के कारण से ऐसा नहीं हो सका और ऐसा नतीजा आया जिससे जनता के मंसूबों पर पानी फिर गया है।
उक्त बातों के साथ बिहार में अप्रत्याशित चुनाव परिणाम को लेकर समस्तीपुर के पूर्व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार चुनाव में बड़े पैमाने पर लोकतंत्र को खरीदा गया।
उन्होंने कहा कि जब चुनाव की घोषणा होती है और पूरे राज्य में आचार संहिता लागू होती है, तब सरकार की ओर से महिलाओं के खातों में 10-10 हज़ार रुपये जमा किए गए। यह लोकतंत्र की मान्यताओं के विपरीत और आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। इसमें चुनाव आयोग की बहुत अहम भूमिका रही।
चुनावी फैसला भले ही एनडीए के पक्ष में आया हो लेकिन ये अब सब समझ चुके हैं कि चुनाव जीतने के लिए कैसे भाजपा मंडली ने चुनाव आयोग की शह पर लोकतंत्र का गला घोटा है।
उन्होंने कहा कि इस कठिन और विषम राजनीतिक परिस्थिति में समस्तीपुर विधानसभा की जनता ने जो साहस, भरोसा और अपार समर्थन मुझे दिया उसके लिए उनका हृदय से आभारी हूँ।
श्री शाहीन ने कहा कि जनता का सहयोग और प्रेम ने मुझे हमेशा मजबूत रखा। पिछले 15 वर्षों में मैंने पूरे मन, समर्पण और ईमानदारी से समस्तीपुर के विकास के लिए कार्य किया। मजबूती से समस्तीपुर की आवाज़ को सदन में उठाया ही नहीं उस पर अमल भी करवाया।
विगत 15 वर्षों में समस्तीपुर विधान सभा क्षेत्र स्वर्णिम विकास के बहुआयामी शिखरों को छूआ है। समस्तीपुर विधान सभा क्षेत्र ने अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों की बदौलत बिहार में कई मामलों में अव्वल और लगातार ऊँचाइयां हासिल किया है। समस्तीपुर विधान सभा का संपूर्ण विकास ही मेरा मकसद रहा है। जनता से जो भी वादा किया था उसे पूरा किया।
जनता की सेवा करना ही प्राथमिकता रही व सदैव विकास की ओर अग्रसर रहा। मै अपने क्षेत्र की जनता के लिए उनके सुख- दुख में हमेशा खड़ा रहा हूं। नेता नहीं बल्कि भाई एवं बेटा बन कर क्षेत्र की सेवा किया। 82 हजार मतदाताओं ने जो भरोसा मुझ पर जताया है, मैं उसे जीवन भर नहीं भूल सकता।
समस्तीपुर की जनता के समर्थन, आशीर्वाद और विश्वास के लिए मैं तहे-दिल से धन्यवाद करता हूँ। उन्होंने कहा कि इस बार हम चुनाव अवश्य हार गए, लेकिन आपका प्रेम, आपका सम्मान , समर्पण और आपका अपनापन — यही मेरी सबसे बड़ी जीत है। समस्तीपुर विधानसभा का स्वाभिमान, सम्मान और प्रगति—मेरे प्रयासों का केंद्र कल भी था, आज भी है, और हमेशा रहेगा।