
ओइनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क विद्यापतिनगर। आम तौर पर साधना व शक्त्योपसाना के नौ दिवसीय महानुष्ठान के दौरान सप्तमी तिथि को निशा पूजा के साथ माता का पट खुलने की परंपरा है। किन्तु समस्तीपुर जिले में एक ऐसा दुर्गा स्थान हे जहां पहले दिन ही माता का पट श्रद्धालुओं केलिए खोल दिया जाता है।
जी हां! हम बात कर रहे हैं जिले के विद्यापति नगर प्रखण्ड के हरपुर बोचहां दुर्गा स्थान की। विद्यापति नगर प्रखंड के हरपुर बोचहा में कलश स्थापना के साथ ही माता का पटखोल दिया जाता है। यहां के पुजारी रजनीश कुमार तिवारी बताते हैं कि वर्षों से यह परांपरा चली आ रही है।
यहां देवी दुर्गा के साथ डेढ़ दर्जन देवी देवता की प्रतिमाओं का पूजन की परम्परा रही है। जो भक्तों के लिये आकर्षण का केंद्र बना रहता है। यहां संध्या आरती के दौरान मनोकामना के लिये भक्तो की भारी भीड़ उमड़ती है। बताया जाता है कि हरपुर बोचहा वाली मइया के दरबार मे भक्त सच्चे दिल से कुछ मांगता है उसकी मुरादें अवश्य ही पूरी होती है।
आस्था का केंद्र बना इस मंदिर में मनोकामना पूर्ण होने पर बड़ी संख्या में नौवीं के दिन छाग बलि प्रदान की जाती है। बलि प्रथा को लेकर दूर दराज से लोग मन्दिर परिसर में पहुंचते हैं।
जानकारी के मुताबिक परम्परा के अनुसार यहां सैकड़ों वर्षों से रघुवंश नारायण सिंह व कुलदीप नारायण सिंह के पूर्वजों ने दुर्गा पूजा की स्थापना की थी। रघुवंश नारायण सिंह व कुलदीप नारायण सिंह के वंशज आज भी कायम हुए इस परम्परा के मुताबिक पूजा पाठ कर रहे है। मुखिया प्रेमशंकर सिंह खुद पूजा पंडाल की व्यवस्था का कार्य संभाल रखें है। वहीं दस दिनों तक संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है।