
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क दरभंगा। ललित नारायण मिथिला वि वि मे PAT 2023 की शुरुआती दौर से ही अधिकारी द्वारा परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न करने में लापरवाही बरती जा रही है। जिस कारण एक परीक्षा को पूरा करवाने में 7 महीना लग जाता है और आज पूरा रिजल्ट फसता हुआ नजर आ रहा है। इससै विश्वविद्यालय की भारी बदनामी हो रही है।
आइसा नेता प्रिंस राज ने कुलपति को सौंपे ज्ञापन में उक्त बातें कही है।
बताते चलें कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में PAT 2023 विज्ञापन व रिजल्ट में हुए धांधली के खिलाफ बुधवार को आइसा नेता प्रिंस राज ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा है कि
जब PAT 2023 का नोटिफिकेशन निकाला गया उस समय ही नोटिफिकेशन गलत निकाला गया। नोटिफिकेशन में नेट, जेआरएफ, बेट, पेट इन सभी के सन्दर्भ में सत्र 2020, 2021- 2022 का जिक्र किया गया। इसमें नेट जेआरएफ जुलाई 2023 एवं दिसंबर 2023 का कोई जिक्र नहीं किया गया। और न ही रोस्टर के अनुसार शीट का जिक्र किया गया।
जिसके कारण छात्रों के अन्दर भ्रम की स्थिति पैदा हुई और सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने फॉर्म भर लिया और इंटरव्यू तक दे दिया। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है पीजी सत्र 2022 – 2024 के छात्र भी PAT की परीक्षा पास कर गए।
श्री राज ने कहा है कि इन सभी गलतियों के प्रकाश में आने के बाद दिनांक 22 जुलाई को आइसा के ने विश्वविद्यालय मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिसके बाद प्रॉक्टर, उप प्रॉक्टर, पूर्व प्रॉक्टर, छात्र कल्याण अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक के साथ आंदोलनकारी छात्रों की वार्ता हुई। जिसमें अधिकारियों ने कहा कि कोर कमिटी की बैठक में इस एजेंडा को ले जाया जाएगा और छात्र हित में निर्णय लिया जाएगा।
लेकिन कोर कमिटी की बैठक में क्या निर्णय हुआ इससे हम छात्रों को अवगत नहीं कराया गया। मगर जब PAT साक्षात्कार का रिजल्ट निकला तो उसमें पूरे तौर पर आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया।
आइसा ने कुल 8 बिंदु को चिन्हित कर कुलपति महोदय को संज्ञान लेने को कहा है। यथा
(1) PAT साक्षात्कार रिजल्ट में महिलाओं की कितनी संख्या है इसे रिजल्ट से पूरी तरह गायब ही कर दिया गया।
(2) रिजल्ट में रोस्टर के अनुसार किसी श्रेणी में उम्मीदवार नहीं रहने के कारण जो श्रेणी को चेंज किया गया इसका जिक्र नहीं है। कुछेक विभाग के द्वारा इसका जिक्र किया गया है।
(3) वाणिज्य विभाग के रिजल्ट में घोर अनियमितता हुई है। EBC के चार शीट में 3 शीट नेट / जेआरएफ को ही दे दिया गया और एक शीट PAT अभ्यर्थी को दिया गया। जिससे साफ प्रतीत होता हैं कि रोस्टर का पालन सही से नहीं किया गया।
(4) साक्षात्कार रिजल्ट में कुछ विषय में आरक्षण रोस्टर को ही गायब कर दिया गया है। एक ही परीक्षा में दो तरह की रिजल्ट जारी हो रहा है। एक आरक्षण रोस्टर वाला और दूसरा बिना रोस्टर वाला। बिना रोस्टर वाले में सिर्फ सलेक्टेड लिखा हुआ है। जहां पूरे रिजल्ट पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक का हस्ताक्षर है।
(5) साक्षात्कार रिजल्ट में अगर आरक्षण श्रेणी को सही से जांच किया जाय तो प्राय सभी विभाग रिजल्ट में गड़बड़ी पाई जाएगी।
(6) PAT साक्षात्कार में शामिल हुए सभी छात्र – छात्राओं का रिजल्ट प्रकाशित होने से छात्र के अन्दर फैली भ्रम की स्थिति खत्म हो जाएगी।
(7) विदित हो कि केवल PHD, NET के रिजल्ट का समय सीमा 1 साल रहता है तथा JRF के रिजल्ट का समय सीमा 2 साल रहता है। तब इस स्थिति में दिसंबर 2023 में जेआरएफ पास करने वाले छात्र – छात्राओं का भविष्य अंधकारमय होते दिख रहा है।
(8) विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर 2021 – 2023 वाले छात्र का रिजल्ट जनवरी 2024 में जारी हुआ और नेट/ जेआरएफ दिसंबर 2023 का रिजल्ट फरवरी 2024 में जारी हुआ। ऐसे में पीजी के छात्रों को सत्र बताकर ले लिया गया और नेट/जेआरएफ के छात्रों को हटा दिया गया। जो कि विश्वविद्यालय के नियम और कानून पर सवाल खड़ा करता है।
श्री राज ने कहा कि इन आठ विन्दुओं के अध्ययन के बाद साफ तौर पर जाहिर होता है कि विश्वविद्यालय छात्र – छात्राओं के प्रति गंभीर नहीं है और न ही 100 प्वाइंट रोस्टर का पालन किया गया है। यह PAT 2023 परीक्षा के आयोजन को लेकर बनी कोर कमिटी का जिम्मेदारी के प्रति घोर संवेदनहीन को दर्शाता है।
आइसा नेता श्री राज ने कुलपति से आग्रह किया है कि PAT साक्षात्कार रिजल्ट में 100 प्वाइंट रोस्टर को मजबूती से पालन करवाया जाय, तथा रोस्टर पालन नहीं करने वाले संबंधित विभाग और अधिकारी पर ठोस करवाई किया जाय। तथा PAT साक्षात्कार में शामिल सभी छात्र – छात्राओं का रिजल्ट को प्रकाशित किया जाय। अगर ऐसे गलत करने वाले अधिकारी और विभागाध्यक्ष पर ठोस करवाई नहीं होती है आइसा इस सवाल को महामहिम कुलाधिपति, मुख्यमंत्री तथा संबंधित आयोग के अध्यक्ष के समक्ष तथ्य के साथ आवेदन प्रस्तुत करेगी।
आइसा नेता ने बताया कि विश्वविद्यालय मे कई अधिकारी लंबे समय से जमे हुए है और सभी तरह के गलतियों के जिम्मेवार वैसे ही लोग बन रहे है।