
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। जिला मुख्यालय स्थित साईबर थाना के थानाध्यक्ष सह एसडीपीओ दुर्गेश दीपक साईबर ठगी के शिकारलोगों में लगातार उम्मीद और विश्वास जगा रहे हैं। अपने कौशल, चातुर्य और तत्परता से वे साईबर थाना का कार्यभार संभालने के बाद से, साईबर फ्रॉड का शिकार लोगों की राशि वापिस दिलाने के मामले में नित नयी इबारत लिख रहे हैं।
इस क्रम में बीते हालिया तीन दिनों में साईबर ठगों द्वारा तीन लोगों के खाते से ठगी कर निकाली गयी रकम सफलतापूर्वक वापस कराया है। जिसमें बिथान थाना क्षेत्र के मनोरवा खैरा पंचायत के सोहमा वार्ड 14 निवासी, मायाराम साहनी के पुत्र ओमप्रकाश साहनी का 85587 रूपए, सिंघिया थाना क्षेत्र के अगरौल जहांगीरपुर लगमा गांव निवासी, जयचंद यादव के पुत्र संजीत कुमार यादव का 45000 रूपए तथा हसनपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव निवासी, महेन्द्र पासवान के पुत्र को 30000 रूपए शामिल है।
इस संबंध में श्री दीपक ने बताया कि, बिथान थाना क्षेत्र के मनोरवा खैरा सोहमा गांव निवासी, ओमप्रकाश साहनी को अनजान व्यक्ति ने कॉल कर केवाइसी अपडेट कराने के नाम पर उनके बैंक खाते से संबंधित सारी जानकारी ले ली और उनके खाते से 98,623 रूपए गायब कर दिये।
जिसके बाद आवेदक ने नेशनल साईबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराया था। उक्त शिकायत के आलोक में समस्तीपुर साईबर थाना में मामला दर्ज करते हुए, कार्रवाई शुरू कर दिया गया। तत्पश्चात समस्तीपुर न्यायालय से आदेश मिलने के बाद, बुधवार 18 जून को पिड़ित व्यक्ति को 85 हजार 5 सौ 87 रूपए वापिस दिला दिया गया।
वहीं हसनपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव निवासी, अमरदीप कुमार ने नेशनल साईबर क्राईम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराया था कि, उनके बैंक खाते से साईबर फ्रॉड के जरिए 30 हजार रूपए की निकासी कर ली गयी है। जिसके बाद अग्रेतर कार्रवाई करते हुए, पीड़ित अमरदीप कुमार को 30 हजार रूपए वापिस करा दिया।
इसी तरह सिंघिया थाना क्षेत्र के अगरौल जहांगीरपुर लगमा निवासी, संजीत कुमार यादव ने नेशनल साईबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराया था कि, उनके बैंक खाते से 45 हजार रूपए का साईबर फ्रॉड हो गया है। नेशनल साईबर क्राईम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायत के आलोक में कार्रवाई करते हुए पीड़ित व्यक्ति को कुल 45 हजार रूपए वापिस दिला दिया।
इसके अलावा भी श्री दीपक अब तक दर्जनों साईबर ठगी के शिकार लोगों के खाते से ठगी द्वारा निकाली गई रकम वापस दिला चुके हैं।