
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में दलित नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी पूर्ण रेप और फिर ईलाज में लापरवाही बेहद शर्मनाक है। अगर समय पर ईलाज होता तो पीड़ित की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन बिहार की भाजपा-जदयू की डबल इंजन की सरकार ने बेटियों की सुरक्षा तो दूर जीवन रक्षा में भी घोर लापरवाही बरती। पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक ऐपवा चुप नहीं बैठेगी। दोषियों एवं लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख्त कारवाई होनी चाहिए।
उक्त बातें ऐपवा जिलाध्यक्ष सह भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा। उन्होंने आगे कहा कि मुजफ्फरपुर में दलित नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदों ने रेप किया फिर चाकू से गर्दन, सीना एवं अन्य अंगों को चीर डाला। एसकेएमसीएच में 5 दिन ईलाज चलता रहा जहां सुधार नहीं होने पर रविवार को पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया।
पीएमसीएच में 4 घंटे एंबुलेंस में पीड़िता छटपटाती रही, जांच कर रहें हैं कह कर डाॅक्टर टालते रहे, आखिर में करीब 9 दिन बाद उसे बेड उपलब्ध कराया गया, अंततः उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
बंदना सिंह ने कहा जब राजधानी में स्थित प्रदेश के सवश्रेष्ठ अस्पताल पीएमसीएच का ये हाल है, जहां पूरी की पूरी सरकार की सिस्टम बैठी है तो बिहार के अन्य अस्पतालों का हाल सहज ही समझा जा सकता है। उन्होंने कहा बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है।
उन्होंने कहा कि जब से भाजपा के साथ नितीश कुमार ने सीएम बनने का कीर्तिमान बनाया है तब से बिहार में नबालिक बच्ची व महिलाओं की हत्या-बलात्कार व उनके साथ अत्याचार की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है। प्रशासन तो महाजंगल राज की गवाही दे रहा है, चिकित्सा व्यवस्था भी राम भरोसे है। उपर से पीएमसीएच जैसे अस्पताल में चिकित्सको की दबंगई और मनमानी रहा सहा कसर पूरा कर देती है।
भाजपा – जदयू की डबल इंजन की सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह फेल है। ऐपवा नेत्री ने कहा है कि पीड़ित बच्ची के न्याय मिलने तक ऐपवा चुप नहीं बैठेगी। ऐपवा नेत्री बंदना सिंह ने दोषियों एवं लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग करते हुए कार्रवाई नहीं किए जाने पर आंदोलन चलाने की घोषणा की।