
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। पेंशन कोई सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान नहीं, या उपकार नहीं है बल्कि कर्मियों व पदाधिकारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए संवैधानिक अधिकार है।
पेंशनर्स दिवस के अवसर पर बुधवार को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के तत्वावधान में आयोजित जागरूकता अभियान सह बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने उक्त बातें कही।
उन्होंने बिहार सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि न्यू पेंशन स्कीम या यूनिवर्सल पेंशन स्कीम आंकड़ों के तिलिस्म में उलझा कर कर्मचारियों के साथ किया जाने वाला सरकारी प्रपंच और छल है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बताते चलें कि पेंशनर्स दिवस के अवसर पर 17 दिसंबर को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के सौजन्य से जागरूकता अभियान सह बैठक का आयोजन किया गया।
इस दौरान वक्ताओं ने एक सितंबर 2005 से कर्मियों व पदाधिकारियों पर लागू एनपीएस/यूपीएस का विरोध करते हुए सभी सरकारी कर्मियों एवं पदाधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि 17 दिसंबर 1982 को सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक ‘नकारा केस’ में यह स्पष्ट किया था कि पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, सरकार की ओर से दिया गया उपहार नहीं। इस निर्णय में सभी पेंशन भोगियों को समान लाभ दिए जाने की व्यवस्था की गई थी।
इसी उपलक्ष्य में दिवंगत डीएस नकारा को श्रद्धांजलि अर्पित करने और पेंशनरों के सम्मान, गरिमा व अधिकारों के लिए उनके संघर्ष को याद करने के लिए हर वर्ष पेंशनर्स दिवस मनाया जाता है
बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल कुमार, सीएस कार्यालय के प्रधान लिपिक अमित कुमार के अलावा कुणाल कुमार, सच्चिदानंद, मो. इमदाद, चंदन कुमार, ओम प्रकाश, एलटी जय प्रकाश सहित दर्जनों कर्मी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।