
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर समीर कुमार के निर्देशन एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार चंदा लाल के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शहर के शंभूपट्टी स्थित पोदार इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता स्कूल के प्रिंसिपल अखौरी नील किशोर सिन्हा ने तथा संचालन आशा सेवा संस्थान के सचिव अमित कुमार कुमार वर्मा ने किया।
अतिथियों के स्वागत और उद्घाटन की औपचारिकता के उपरांत अपने संबोधन में श्री वर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाना और यौन उत्पीड़न के प्रति जागरूक करते हुए उनको सुरक्षा प्रदान करना है।
इस अवसर पर पैनल अधिवक्ता रूपम कुमारी जायसवाल ने अपने संबोधन में बताया कि भारत में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने और उसका निवारण करने के लिए बनाया गया एक कानून है। 2013 में बने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम को आमतौर पर पॉश अधिनियम के रूप में जाना जाता है। यह अधिनियम 9 दिसंबर, 2013 से लागू हुआ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पॉश अधिनियम यौन उत्पीड़न को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिसमें शारीरिक संपर्क, यौन पक्ष की मांग, अश्लील साहित्य दिखाना, या यौन प्रकृति की कोई भी टिप्पणी या इशारा शामिल है।
इस अवसर पर ईडन वेलफेयर ट्रस्ट के चेयरमैन ब्रजकिशोर कुमार ने ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम को सफ सफल बनाने में पारा विधिक स्वयं सेवक आदर्श कुमार ने महत्वपूर्ण सहयोग किया। आगत अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रिंसिपल अखौरी नील किशोर सिन्हा ने किया