
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। दलितों और महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ते अपराध इस बात का प्रमाण हैं कि बिहार में कानून नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है — न तो वे जनता को सुरक्षा दे पा रहे हैं और न ही राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को संभाल पा रहे हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अबू तमीम ने मुजफ्फरपुर में एक दलित बच्ची के साथ हुए जघन्य बलात्कार एवं निर्मम हत्या की घटना के खिलाफ, तथा बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विफल स्वास्थ्य व्यवस्था के विरोध में आयोजित सभा के दौरान उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण बच्ची की जान चली गई अगर समय रहते उसे अस्पताल में बेड की व्यवस्था हो जाती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। बेड के अभाव में बच्ची चार घंटे तक एम्बुलेंस में ही रही और फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के हस्तक्षेप के बाद उसे नौ घंटे के बाद बेड मिल सका।
बताते चलें कि मुजफ्फरपुर में एक दलित बच्ची के साथ हुए जघन्य बलात्कार एवं निर्मम हत्या की घटना के खिलाफ, तथा बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विफल स्वास्थ्य व्यवस्था के विरोध में, समस्तीपुर ज़िला कांग्रेस कमिटी के तत्वाधान में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया।
पुतला दहन के उपरांत ज़िला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष मो० अबू तमीम की अध्यक्षता में एक विरोध सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए मो० तमीम ने कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना केवल एक बच्ची के साथ अत्याचार नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता पर हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी दलित, महिला और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ेगी। राज्य में दलित, महिला और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है और सरकार इन मामलों में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
प्रदर्शन में अन्य लोगों के अलावा नगर अध्यक्ष डोमन राय, प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल मालिक, पिछड़ा प्रकोष्ठ के ज़िलाध्यक्ष अनिल कुशवाहा, परमानंद मिश्र, विश्वनाथ सिंह हज़ारी, चंदन कुमार, यसपाल कुमार, सुशील कुमार राय, मर्तुज़, राजीव कुमार, मो० अफ़ज़ल, ज़ुल्फ़िकार आलम आदि मौजूद थें।