
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
मधुबनी। मिथिला की सांस्कृतिक पहचान ऐतिहासिक सौराठ सभा गाछी के प्रांगण में में सौराठ विकास समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक समिति के अध्यक्ष कृष्ण कांत झा गुड्डू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 28/5/ 2025 से आरंभ सौराठ सभा का शुभारंभ वृहत समारोह पूर्वक उद्घाटन करने, मिथिलांचल से अधिक से अधिक लोंगो की सहभागिता सुनिश्चित करने और प्रत्येक दिन कुछ ना कुछ कार्यक्रम आयोजित करने पर गहन विमर्श किया गया।
प्रत्येक विन्दु पर विचार विमर्श कर तय किया गया कि 28 मई को कार्यक्रम के दिन 11 बजे सुबह अखंड रामायण के पाठ से सभा वास का श्री गणेश किया जाएगा। तदुुपरान्त संध्या 4 बजे विधिवत उद्घाटन के लिये किन्हीं गणमान्य लोंगो को बुलाने पर सहमति बनी। जिसकी जानकारी स्वीकृति मिलने पर साझा की जाएगी। इस दौरान एक दिन कवि सम्मेलन और एक दिन पाग सम्मान समारोह होना सुनिश्चित किया गया है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कृष्णकांत झा ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा यहाँ सौराठ महोत्सव कराने की घोषणा की गई है। मगर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अगर सरकार की मंशा साफ़ है तो में मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील करता हूँ की शुभारंभ और समापन 28 मई से 6 जून 2025 के बीच संचालित किया जाए।
उन्होंने समस्त मिथिला वासियों से आग्रह पूर्वक अपील की है कि आप सभी मिथिलांचल वासियों से निवेदन आग्रह की सभा वास के बीच सौराठ अवश्य आयें और शादी विवाह को निश्चित ही पंजीबद्ध करायें। ताकि हमारी संस्कृति सुरक्षित रहे। ख़ास कर युवा साथियों से विशेष अपील की कि वे अपने क़ीमती समय में से कुछ समय अपनी संस्कृति के विस्तार हेतु लगावें। वहीं समिति के सचिव डाॅ शेखर मिश्र ने कहा कि बिहार सरकार के सांस्कृतिक मंत्री ने आश्वस्त किया था कि सौराठ महोत्सव हम करायेंगे। उनके आश्वासन के बाद इस सभा के परंपरानुसार पुनर्प्रतिष्ठित होने की आस जगी है।
बैठक में अनिल कुमार झा मुखिया, समाजसेवी विभाकर झा लालटून, आनंद कुमार झा, दुर्गानंद झा, सुमित झा, दीपू मिश्रा, अजय झा, मुकेश झा, मित्रनाथ झा, वैभव झा शामिल हुए।