
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। बाल विवाह करने या कराने से कोई पुण्य नहीं मिलता। यह न सिर्फ कानूनन अपराध है बल्कि घोर पाप भी है। उक्त बातें पिछले दिनों अक्षय तृतीया के मौके पर कल्याणपुर मे एक बाल विवाह को टालने के दौरान समस्तीपुर के उप महापौर रामबालक पासवान ने कही। उन्होंने कहा कि इस महाकुरीति को जड़ से मिटाना जरूरी है और इसकेलिए व्यापक जन समर्थन और जन सहयोग जरूरी है।
बताते चलें कि जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के एक्सेस टू जस्टिस कार्यक्रम अंतर्गत चलायें गये बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण महा अभियान के दौरान जिले में छ: अल्पवय कन्याओं को बाल विवाह से बचा लिया गया।
जिसमें पहला मामला कल्याणपुर प्रखंड के मुक्तापुर का है, जहां प्रमोद राय की नाबालिग पुत्री 15 वर्षीय किशोरी खुशी (काल्पनिक नाम) को बाल विवाह का शिकार होने से बचा लिया गया। वहीं शहर के थानेश्वर मंदिर मंदिर में चार बाल विवाह की घटना को सफलतापूर्वक टाला गया।
उक्त जानकारी देते हुए जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि महिला हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर की केन्द्र प्रशासक ज्योति अर्चना एवं जिला परियोजना प्रबंधक जितेन्द्र कुमार साहु के द्वारा बाल विवाह होंने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त सूचना के आलोक में जेजेबीविके का एक दल, चेतना सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ मिथलेश कुमार और एक्शन एड, समस्तीपुर की समन्वयक सुषमा सिंह के साथ सूचित परिवार के घर पर पहुंचा। साथ में सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक ज्योति अर्चना और महिला हेल्पलाइन, समस्तीपुर के जिला परियोजना प्रबंधक जितेन्द्र कुमार साहु भी थे।
मौक़े पर ग्रामीणों के भारी विरोध के वाबजूद स्थानीय समाजसेवी रामविलास यादव और नगर निगम, समस्तीपुर के उप-महापौर रामबालक पासवान की मौजूदगी में परिवार और समाज के लोगों नें सामुहिक रूप से इस गैर कानूनी बाल विवाह को रोकने और आगे से इस तरह के घटना की पुनरावृत्ति न होने पर सहमति दी, और इसके साथ उक्त किशोरी का बाल विवाह रुक गया।
उन्होंने बताया कि विवाह की सभी तैयारियां हो चुकीं थीं। लेकिन ऐन वक्त पर जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के एक्सेस टू जस्टिस कार्यक्रम, महिला हेल्पलाइन, चेतना सामाजिक संस्था, एक्शन एड, समस्तीपुर, उप-महापौर राम बालक पासवान, रामविलास यादव और ग्रामीणों का प्रयास सफल हुआ और एक बाल विवाह रूक गया।
इसी प्रकार स्थानीय थानेश्वर मंदिर परिसर में चार अन्य नाबालिग लड़कियों का विवाह पंडा, पुरोहित के सहयोग एवं जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के एक्सेस टू जस्टिस कार्यक्रम की समन्वयक डॉ दिप्ती कुमारी, सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता स्मृति कुमारी, माजदा खातुन, रंजू कुमारी और बलराम चौरसिया के प्रयास से बाल विवाह सफलतापूर्वक टाल दिया गया।