
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । मिथिला दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड अर्थात सुधा डेयरी ने एक बार फिर अपने दूध सहित अन्य उत्पादों के मुल्य में 2-3 रूपये की बढ़ोतरी कर दी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाकपा माले जिला कमिटी के सदस्य सह पूसा प्रखण्ड सचिव अमित कुमार ने सुधा डेयरी के पदाधिकारियों को आडे हाथों लिया है।
माले नेता ने कहा कि दुग्ध उत्पादक किसानों केलिए गठित सुधा डेयरी के पदाधिकारी संस्था की स्थापना के मूल उद्देश्य को भूल बैठे हैं।किसानों को पशुपालन व दुग्ध उत्पादन केलिए प्रोत्साहित करने केलिए स्थापित यह संस्था अब किसानों का शोषण कर रही है। इतना ही नहीं ग्राहकों को भी लूटने में जुटी है।
माले नेता ने कहा कि सुधा डेयरी समय-समय पर दूध सहित अपने उत्पादों की कीमत तो बढाती रहती है मगर किसानों के दूध की कीमत नहीं बढाई जाती। ग्राहकों को उनसे वसूले गये मुल्य बदले गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने में भी सुधा डेयरी के पदाधिकारियों की अभिरूची नहीं है।
उन्होंने कहा कि स्वाद और गुणवत्ता के विश्वसनीयता की पहचान रहे सुधा के उत्पादों के स्वाद और गुणवत्ता पहले जैसी नहीं है। आज की तारीख में एक विशेष प्रकार का अजीब स्वाद और दुर्गन्ध सुधा उत्पादों की पहचान बन गई है। इसमें सुधार की ओर सुधा के पदाधिकारियों का ध्यान नहीं।
उन्होंने कहा कि सुधा डेयरी ने एक वर्ष के भीतर दूसरी बार अपने उत्पादों की कीमत बढाई है जबकि किसानों के दूध की कीमत अभी भी 35 से 40 रूपये के बीच अटका हुआ है। माले नेता ने कहा कि सुधा के दूध अब 50 से 65 रूपये तक में ग्राहकों को मिलेंग, जबकि किसानों से 35 से 40 रूपये में खरीदेगी। दूध के दामों में इस वृद्धि का असर दूध उत्पादों पर पडना तय है। मगर स्वाद और गुणवत्ता की गारंटी नहीं होगी। माले नेता ने कहा कि शीघ्र ही एक ठोस रणनीति बना कर पशुपालक किसानेां की हकमारी और शोषण के विरूद्ध आंदोलन किया जायेगा।