
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। मंगलवार को जिले के हसनपुर स्थित चीनी मिल परिसर में गन्ना किसानों के साथ गन्ना की खेती में यंत्रीकरण के महत्व पर बैठक सह प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए कार्यपालक अध्यक्ष रवीन्द्र कुमार तिवारी ने किसानों को गन्ना की खेती में यांत्रिकीकरण को अपनाने से होने वाले फायदे पर विस्तृत जानकारी दिया।
इस क्रम में कृषि यांत्रिकी से जुड़ संस्था प्रेग्मेटिक्स के प्रबंध निदेशक दुष्यंत बादल ने किसानों को बताया कि, आज गन्ना की खेती में किसानों के समक्ष कई ज्वलंत समस्याएं हैं। जिनमें मजदूरों की कमी, प्रतिकूल जलवायु एवं सिंचाई प्रमुख हैं। गन्ने की खेती में यांत्रिकीकरण को अपनाकर किसान भाई इन समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। जिससे लागत कम कर अधिक मुनाफा अर्जित कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि गन्ना की खेती में बुआई से पूर्व खेत की गहरी जुताई आवश्यक है। जिससे गन्ना फसल के समुचित विकास के साथ साथ सिंचाई पश्चात अधिक समय तक खेत में नमी को बरकरार रखा जा सकता है। यह यांत्रिकीकरण से ही मुमकिन है। साथ ही यांत्रिकीकरण के माध्यम में गन्ना कटाई में भी मजदूरी लागत को कम किया जा सकता है।
उपाध्यक्ष गन्ना सुरेंद्र पाल सिंह ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि आज बदलते समय के साथ गन्ना की खेती में नवीनतम तकनीक को अपनाना आवश्यक है। जो गन्ना की खेती में यांत्रिकीकरण को अपनाकर ही पूरा किया जा सकता है। यांत्रिकीकरण को अपनाकर आज दूसरे प्रदेशों में किसान अपने खेत से कम लागत में 400-450 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उपज प्राप्त कर रहे हैं।
उपाध्यक्ष गन्ना ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपने गन्ना खेती में यांत्रिकीकरण को शामिल करें और वे बिहार प्रदेश में एक मिशाल बनें। इस मौके पर उप महाप्रबंधक गन्ना सुग्रीव पाठक, वरीय प्रबंधक गन्ना पुनित चौहान, संदीप पाटिल, गौरी शंकर, कृष्ण कुमार, जितेन्द्र पोद्दार, के अलावा अमन सिंह, नवीन सिंह, गीता यादव, सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे।