
ओईनी न्यूज नेटवर्क
समस्तीपुर । तीस दिनों के कठोर व्रत के बाद सोमवार को परस्पर भाईचारा, सौहार्द, व प्रेम का त्योहार ईद हर्षोल्लास के साथ शान्ति पूर्ण माहौर में संपन्न हो गया। सड़क पर नमाज नहीं पढे जाने के शोर और वक्फ बोर्ड बिल संशोधन को लेकर असंतोष के बीच लोगों ने एक बार फिर भारतीयता की अमिट परंपरा को साबित किया। नमाज सडकों पर भी पढी गयी, मगर इसको लेकर जिले में कहीं से किसी प्रकार के अप्रिय घटना की जानकारी नहीं है। लोग आराम से नमाज खत्म होने की प्रतीक्षा करते दिखे।


इस दौरान कई जगहों पर वक्फ बोर्ड बिल संशोधन के विरोध में नमाजियों ने बाजू पर काली पट्टी बांध कर नमाज अदा की। इस क्रम में एसपी अशोक मिश्रा के नेतृत्व में जिले भर में शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखने केलिए एहतियातन पुलिस ने चाक चैबंद व्यवस्था की गयी थी। जगह जगह खास कर ईदगाहों व उसके आसपास के इलाकों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किये गये थे।



इस दौरान लोग वक्फ बोर्ड बिल संशोधन को लेकर नाखुश दिखे। इस बाबत कुछ लोगों से संवाददाता ने बात की तो हाजी मो तमन्ने ने बातचीत के दौरान कहा उन्होंने बताया की केन्द्र सरकार वक्फ बोर्ड बिल संशोधन के बहाने मुस्लिमों की वक्फ की संपत्ति हड़पकर अपने मित्र अडानी को सौपना चाहती है।



श्री तमन्ने ने कहा कि देखिए न, कश्मीर में क्या हुआ सभी को पता है। शोर तो खूब हुआ कि 370 हटा दिया गया। खूब तमाशा हुआ, मगर हुआ क्या? सिर्फ एक वह धारा हटाई गई जिसमें गैर कश्मीरी लोगों को कश्मीर में जमीन खरीदने से मनाही थी। जिसका परिणाम हुआ कि अडानी वहां जमीन खरीदने में सफल रहे। उन्होंने आरोप लगया कि यह सरकार कहती कुछ है, करती कुछ और है। जो कहती है वह कभी नहीं करती।


सौगात ए मोदी के बारे में पूछे जाने पर इसे पीएम मोदी का दिखावा करार देते हुए कहा कि यह मुस्लिम समुदाय का हितैशी होने का दिखावा करती है। मुंह में कुछ और दिल में कुछ और रखने वाले दोहरे चरित्र से हम सभी वाकिफ हैं।
