
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक, आदर्श राजनीतिज्ञ और भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री बाबू सत्यनारायण सिन्हा देश के तत्कालीन राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि, उन्हें लोग प्रिंस ऑफ पार्लियामेंट कहते थे।
शंभुपट्टी से प्रिंस ऑफ पार्लियामेंट :
शनिवार को समस्तीपुर से पहले सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे स्मृति शेष सत्यनारायण सिन्हा की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में लोजपा रा के जिलाध्यक्ष अनुपम कुमार सिंह उर्फ हीरा सिंह ने अपने संबोधन में उक्त बातें कही। उन्होंने बताया कि, जिले के ‘शम्भूपट्टी’ गांव से निकल कर दिल्ली की राजनीति में अपनी चमक बिखरने वाले सत्यनारायण बाबू आजादी के बाद, बिहार से भारत की संविधान सभा के सदस्य चुने गए थे।
केंद्रीय मंत्री ही नहीं राज्यपाल भी रहे :
लोजपा रा अध्यक्ष ने कहा कि, उन्होंने अपने जीवन में केंद्र सरकार में संसदीय कार्य मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री, स्वास्थ्य, परिवार नियोजन तथा संचार मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। इतना ही नहीं, सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्ति के बाद, मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी देश की सेवा की। इसके अलावा वर्तमान समस्तीपुर का स्वरूप भी उन्होंने अपने कार्यकाल में ही तय कर दिया था। समस्तीपुर मे विकास में अनेक ऐतिहासिक कार्य किये।
समारोह पूर्वक मनाई गई पुण्य तिथि :
बताते चलें कि, शनिवार को लोजपा (आर) जिलाध्यक्ष अनुपम कुमार उर्फ हीरा सिंह की अध्यक्षता में जिले के गौरव प्रिंस ऑफ पार्लियामेंट कहे जाने वाले स्वतंत्रता सेनानी सह पुर्व केंन्द्रीय मंत्री एवं राज्यपाल स्मृति शेष सत्यनारायण सिंह की पुण्य तिथी शहर के नगर भवन में समारोह पूर्वक मनायी गयी। इस समारोह में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय सत्यनारायण सिन्हा के कीर्तित्व एंव व्यक्तित्व को याद कर उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पूर्व उपस्थित गणमान्य लोगों ने नगर भवन परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
उपस्थिति :
मौके पर जिला प्रधान महासचिव राजकिशोर हजारी, जिला मिडिया प्रभारी श्याम पासवान, जिला उपाध्यक्ष मनोज सिंह, जिला महासचिव रीना सहनी, व्यवसायिक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष जय किशोर पोद्दार, लोजपा नेता नीरज भारद्वाज, जदयू नेता बनारसी ठाकुर, भाजपा जिला प्रवक्ता कृष्ण गोपाल शर्मा, मनोज पासवान आदि मौजूद थे।