ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 मुंगेर। मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर की एनएसएस इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण का आरडी एंड डीजे कॉलेज के ऑडिटोरियम में समारोहपूर्वक सफल समापन किया गया। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA), पटना द्वारा प्रायोजित ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन’ विषयक यह सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 25.07.2026 से 31.07.2026 तक राष्ट्रीय सेवा योजना के युवाओं के लिए आयोजित किया गया।
200 प्रशिक्षुओं ने लिया प्रशिक्षण :
इसके अंतर्गत मुंगेर, खगड़िया, जमुई और लखीसराय जिला के 200 प्रशिक्षुओं राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) द्वारा प्रशिक्षित किया गया। इसमें 72 महिला और 128 पुरुष स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस युवा आपदा प्रशिक्षण शिविर का मॉनिटरिंग कुलसचिव प्रो. (डॉ.) घनश्याम राय और कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने तथा मार्गदर्शन प्राचार्य आरडी एंड डीजे कॉलेज प्रो. (डॉ.) बिजेंद्र कुमार ने किया।मंच संचालन एवं संयोजन मुनींद्र कुमार सिंह ने किया।
इमरजेंसी रिस्पांस किट :
इस प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षुओं को इमरजेंसी रिस्पांस किट में कुल 17 तरह के किट में लाइफ जैकेट, टॉर्च ,सेफ्टी ग्लव्स, पॉकेट नाइफ, फर्स्ट एड किट, गैस लाइटर ,विसल, वॉटर बॉटल ,मच्छरदानी, रेनकोट गमबोट्स ,सेफ्टी हेलमेट, मल्टीपरपज नायलॉन रोप, स्पोर्ट्स शूज, यूनिफॉर्म, ट्रैकसूट और बैग दिया गया। तत्पश्चात आई कार्ड वितरण किया गया।
लिया फीड बैक :
पूर्वाह्न अल्पाहार के बाद बौद्धिक सत्र में रिसोर्स पर्सन मुंगेर विश्वविद्यालय के सिनेटर डॉ गोपाल प्रसाद चौधरी ने एनएसएस गतिविधियों के बारे में बताया। वहीं जेआरएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) देवराज सुमन ने समकालीन समय में युवाओं की भूमिका के बारे में बताया। तत्पश्चात प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया।
अतिथि :
दोपहर के भोजन के बाद समापन सत्र का आयोजन किया गया। समापन सत्र में मुख्य अतिथि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पटना के वरीय सलाहकार अशोक कुमार एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) घनश्याम राय तथा आरडी एंड डीजे कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो (डॉ.) बिजेंद्र कुमार उपस्थित थे।
पूरे राज्य को मिलेगा फायदा :
इस श्री अशोक कुमार ने कहा कि मुंगेर विश्वविद्यालय ने तीसरी बार एनएसएस का मेगा इवेंट आयोजित किया गया है। तीन शिविरों से 600 एनएसएस स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुंगेर विश्वविद्यालय के इस अनुभव का पूरे राज्य को फायदा मिलेगा।
युवा आपदा मित्र आएंगे समाज के काम :
मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति ने संदेश के माध्यम से कहा कि सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मुंगेर विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। आने वाले समय में मुंगेर विश्वविद्यालय में ऐसे दो और कैंप कराए जाएंगे उन्होंने सभी प्रतिभागियों को संबोधन करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से तैयार युवा आपदा मित्र समाज के काम आएंगे।
600 आपदा मित्र तैयार करने वाला पहला विश्वविद्यालय :
कुलसचिव महोदय ने विस्तार से कैंप की गतिविधियों को बताया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का फीडबैक भी लिया। उन्होंने बताया कि तीन प्रशिक्षण शिविरों से 600 युवा आपदा मित्र तैयार करने वाला एमयू बिहार का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
नशा मुक्त भारत बनाने के लिए शपथ :
अंत में प्रशिक्षण में शामिल सभी 200 प्रतिभागियों को मेडल और सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना गीत, राष्ट्रगान और ग्रुप फोटो के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की गई। इसी क्रम में सभी प्रतिभागियों को भारत को नशा मुक्ति बनाने के लिए शपथ भी दिलाई गई।
धन्यवाद ज्ञापन :
युवा आपदा मित्र कैंप के मूल्यांकन के बाद राहुल कुमार, सुमन कुमार, फंटुश कुमार ,दृष्टि प्रिया, अंकेश राज, मौसम कुमारी, अभिषेक कुमार, अंकित कुमार, अनीश नारायण, परिधि कुमारी और प्रिया कुमारी को विजेता घोषित किया गया। मुंगेर विश्वविद्यालय के कीड़ा सचिव डॉ संजय मांझी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
आयोजन के लिए बधाई :
डॉ पंकज कुमार के नेतृत्व में सदर अस्पताल मुंगेर को एंबुलेंस और मेडिसिन सेवा के लिए विश्वविद्यालय परिवार ने आभार प्रकट किया ।विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारियों और संबंधित जिला के प्राचार्य ने इस कैंप के सफलता पर बधाई दिया है।
आयोजन की सफलता के सहकार :
इन सभी को पुरस्कार भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के लिए ट्रेनर ऑफ ट्रेनर आपदा मित्र मो. मुस्तकीम अंसारी ने संपूर्ण डॉक्यूमेंटेशन को संचालित किया। प्रत्येक दिन की गतिविधियों कावरीय सलाहकार अशोक कुमार शर्मा द्वारा मॉनिटरिंग किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस कार्यालय कर्मी सौरभ शांडिल्य, सुशांत कुमार, मृत्युंजय कुमार, प्रेरणा कुमारी, साहिल प्रकाश, अंशु प्रिया के साथ, कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ राजकिशोर प्रसाद, डॉ. राजीव नयन, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. कुमार बलवंत ने अहम भूमिका निभाई।