
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के प्रधानाचार्यों, विभागाध्यक्षों एवं पदाधिकारियों के साथ ही कॉलेजों के आइक्यूएसी एवं पीजी विभागों के डीक्यूएसी समन्वयकों की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जुबिली हॉल में आयोजित इस बैठक में महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों के शोध- कार्य एवं अन्य उपलब्धियों से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय द्वारा तैयार पोर्टल पर संधारित करने की प्रक्रिया को विश्वविद्यालय द्वारा अवगत कराने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं अकादमी जानकारी, स्नातक 5 वें सेमेस्टर में इंटर्नशिप संचालन के प्रगति पर प्रतिवेदन तथा नव स्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में प्रतिनियुक्त प्रधानाचार्यों द्वारा कॉलेजों की वस्तुस्थिति से अवगत कराने के साथ ही अन्य एजेंडों पर विस्तार पूर्वक विचार कर कई निर्णय लिए गए। बैठक का संचालन सीसीडीसी डॉ गजेन्द्र प्रसाद ने किया।
शैक्षणिक कैलेंडर का करें अक्षरशः पालन :
इस दौरान अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि, “प्रधानाचार्य एवं विभागाध्यक्ष वर्ग संचालन का नियमित मूल्यांकन करें और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। नजदीक के शिक्षकों से विशेष व्याख्यान एवं प्रायोगिक कक्षाओं का संचालन कराए, स्मार्ट कक्षाओं को प्रयोग में लाएं।”
वर्ष में दो बार जांच प्रतिवेदन :
इसी क्रम में उन्होंने महाविद्यालय परिसर में सीसीटीवी, पेयजल एवं शौचालय आदि की अच्छी व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए। इस दौरान कुलपति डॉ चौधरी ने कहा कि, “विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में सीनेट वर्ष में दो बार कॉलेज जाकर जांच करेंगे और तदनुरूप जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।”
नियमित पर्यवेक्षण :
उन्होंने कहा कि, “देश के 35 राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों को विकसित किया जाना है। जिनके अंग होने के नाते हमारे विश्वविद्यालय को भी डाटा की जरूरत है। आईटी सेल का पोर्टल लॉन्च हो चुका है। जहां शिक्षकों का डाटा, उपलब्धियां एवं सूचनाओं को संधारित करना है। संस्था प्रमुख अपने सहयोगियों को डाटा संग्रहण व संधारण के लिए प्रोत्साहित करें तथा नियमित पर्यवेक्षण भी करें।”
पेपर रखें दुरुस्त :
कुलपति ने कहा कि, “अति उत्साह में नियम विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं हो इसका खास ध्यान रखें। हर हाल में पेपरों को दुरुस्त रखें, क्योंकि वे हमेशा जिंदा रहते हैं। यदि आज छात्र हित में अच्छे एवं उचित कार्य करेंगे तो बेशक थोड़ी शिकायत होगी, मगर कभी भी कोई नुकसान नहीं होगा।”
इंटर्नशिप का उद्देश्य :
कुलपति ने इंटर्नशिप के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “यह कम खर्च में छात्रों की पहुंच और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कराएं। छात्र अपने विषय के अनुकूल संस्थानों- बैंक, डेरी, एनजीओ, कंपनी, डीएम कार्यालय, सहकारिता विभाग आदि पंजीकृत केन्द्रों में इंटर्नशिप कर सकते हैं। इससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा तथा उनके व्यक्तित्व का विकास भी होगा।”

उपस्थिति :
इस अवसर पर आईटी सेल के प्रभारी डॉ. अंकित कुमार, इंटर्नशिप के नोडल पदाधिकारी डॉ. विपुल स्नेही, वित्तीय परामर्श इन्द्र कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता, सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) मुश्ताक अहमद, उप कुलसचिव (प्रथम) डॉ उमाकांत पासवान, विकास पदाधिकारी डॉ अभिषेक राय तथा ‘स्वयं’ के विश्वविद्यालय नोडल पदाधिकारी डॉ मुदासिर हसन भट्ट आदि ने बैठक के मुद्दों पर अपना विचार व्यक्त किए। जबकि, डॉ बीरेन्द्र कुमार चौधरी, प्रो मुश्ताक अहमद, डॉ उमेश कुमार चौधरी, प्रो नारायण झा, डॉ फूलो पासवान आदि ने प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया।
