
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “आज भी कृषि ही हमारी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और इसके निरंतर प्रगति के केंद्र में महिलाएं खड़ी हैं जो ग्रामीण और कृषि विकास की शक्तिशाली लेकिन मूक संचालक हैं। बीज के चयन से लेकर बुवाई, रोपाई, निराई, कटाई, प्रसंस्करण, भंडारण और पशुधन प्रबंधन तक सम्पूर्ण कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
अभिनव मॉडल तलाशने का एक प्रयास :
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय , पूसा में आगामी 27 से 29 जून 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के तैयारियों की समीक्षा के दौरान कुलपति डॉ. पीएस पाण्डेय ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि, “यह सम्मेलन महिलाओं के इसी अमूल्य योगदान को रेखांकित करने, उनके समक्ष आ रही नई चुनौतियों पर चर्चा करने तथा कृषि क्षेत्र में उनके नेतृत्व को और अधिक सशक्त बनाने के लिए अभिनव मॉडल तलाशने का एक सार्थक प्रयास है।”
इस क्रम में उन्होंने विश्वास जताया कि, “समिति के सभी सदस्य इस आयोजन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में अपना शत-प्रतिशत योगदान देंगे।”
संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन :
बताते चलें कि, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में आगामी 27 से 29 जून 2026 तक एक वृहद राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य विषय “कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका का पुनर्निर्धारण: सतत कृषि विकास के लिए विस्तार रणनीतियाँ” रखा गया है । यह प्रतिष्ठित सम्मेलन विश्वविद्यालय तथा इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन (INSEE) के द्वारा संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है ।
तैयारियों का लिया विस्तार से जायजा :
इस वृहद कार्यक्रम के निर्बाध और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने सम्मेलन आयोजन समिति के सभी सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अतिथियों के सत्कार, तकनीकी सत्रों के प्रबंधन, और आयोजन से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण तैयारियों का विस्तार से जायजा लिया गया।
दिए आवश्यक दिशा निर्देश :
सम्मेलन के सफल आयोजन को लेकर सोलह कमिटी बनाई गई है जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न वैज्ञानिकों को शामिल किया गया है । सभी समीतियों के कार्यों एवं सम्मेलन के दौरान उनके दायित्वों की कुलपति ने समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उद्देश्य :
इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य देशभर के शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और विभिन्न हितधारकों को एक ऐसा साझा मंच प्रदान करना है, जहाँ समावेशी और टिकाऊ कृषि विकास के लिए एक भविष्योन्मुखी रोडमैप तैयार किया जा सके । कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से कृषि-खाद्य प्रणालियों में बदलाव के वाहक के रूप में महिलाएं, नवाचार और प्रौद्योगिकी, महिला उद्यमिता, मूल्य संवर्धन तथा नीतिगत व सामाजिक नवाचार जैसे अहम विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे ।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे सम्मानित :
कार्यक्रम में देश भर से शिक्षकों एवं वैज्ञानिकों के भाग लेने की संभावना है। सम्मेलन में इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन से जुड़े सभी वरीय पदाधिकारी और वैज्ञानिक भी सम्मिलित होंगे। सम्मेलन के दौरान कृषि विस्तार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।