वैज्ञानिकों के साथ प्रशिक्षू
ओईनी न्यूज नेटवर्क
सुभाषचन्द्र कुमार।
समस्तीपुर/पूसा । डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय मत्स्यिकी महाविद्यालय के सभागार में मत्स्य पालन एवं तालाबों का प्रबंधन विषय पर छह दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। स्वागत व उद्घाटन की औपचारिकता के बाद मुख्य अतिथि विवि के कुलसचिव डॉ मृत्युंजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन व्यवसाय में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए मछलीपालन व्यवसाय को सुरक्षित एवं संरक्षित करने की जरूरत है।
प्रशिक्षण की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के अधिष्ठाता डाॅ पीपी श्रीवास्तव ने कहा वैज्ञानिक विधि से मछली पालन से बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार के द्वारा प्रायोजित इस आवासीय प्रशिक्षण में गोपालगंज जिले के चयनित 30 किसान हिस्सा ले रहे हैं।
अपने संबोधन में कुलसचिव डॉ मृत्युंजय कुमार एवं अधिष्ठाता डॉ प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पुन्यव्रत सुविमलेन्दु पाण्डेय एवं पशु व मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार का मत्स्य पालकों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन पर आभार व्यक्त किया। इस दौरान वक्ताओं ने प्रशिक्षणार्थियों को मत्स्य पालन के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षणार्थी मत्स्य पालन के लिए तकनीकी ज्ञान अर्जित कर अपने कौशल को मत्स्य पालन में अपनाकर बेहतर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थी से आह्वान किया की वे कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन भी करें व समाज में अन्य लोगों को भी मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करें।
मौके पर डॉ शिवेन्द्र कुमार, डॉ राजीव कुमार ब्रह्मचारी, डॉ सुजीत कुमार नायक, डॉ मोगलेकर एचएस, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ अनिरुद्ध कुमार, डॉ. तनुश्री घोड़ई, रोशन कुमार राम, अधिष्ठाता के निजी सहायक डॉ.राजेश कुमार, विनोद कुमार, साजन कुमार भारती आदि मौजूद थे।


