
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “‘रोकथाम इलाज से बेहतर है’ के सिद्धांत के अनुसार एचपीवी वैक्सीन सिर्फ एक टीका नहीं, बल्कि हमारी बेटियों के सुरक्षित भविष्य का निवेश है। इसलिए इस सभी माता पिता से आग्रह करते हैं कि, वे अपनी बेटियों का टीकाकरण सुनिश्चित करे।“
14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के लिए सबसे अधिक प्रभावी :
शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने उक्त बातें कही। उन्होंने बताया कि, “जिन बालिकाओं का उम्र 14 वर्ष पूरा हो चुका हो और 15 वर्ष पूरा नहीं हुआ हो, उनके लिए यह वैक्सीन सबसे अधिक प्रभावी है।”
8 अप्रैल से हुई शुरुआत :
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु मानव पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) रोकथाम के लिए सर्वावैक टीकाकरण अभियान की शुरुआत बुधवार 8 अप्रैल को की गई।
18299 बालिकाओं को देनी है दूसरी खुराक :
सिविल सर्जन ने बताया कि, “आज तक कुल 20,815 बालिकाओं को टीके का प्रथम खुराक दिया जा चूका है। 6 माह पूरा होने के बाद द्वितीय खुराक दिया जाना है। वहीं आज तक कुल 2250 बालिकाओं को द्वितीय खुराक से आच्छादित किया गया है। जबकि, 18299 बालिकाओं को दूसरा खुराक देना है।”
सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधा उपलब्ध :
सिविल सर्जन राजीव कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि, “यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। इसलिए 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए एचपीवी टीकाकरण अनिवार्य है। सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है।”
उद्देश्य – भावी पीढ़ी को इस घातक बीमारी से सुरक्षित करना :
उन्होंने बताया कि, “महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) टीकाकरण अभियान के विस्तार की घोषणा की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाना और भावी पीढ़ी को इस घातक बीमारी से सुरक्षित करना है। इस क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वाइकल कैंसर रोकथाम के लिए एचपीवी गार्डशिल वैक्सीन उपलब्ध कराया गया है।”
एचपीवी क्या है और यह क्यों जरूरी है?
डॉ. राजीव ने बताया कि, “भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर। हर 4 मिनट में एक एचपीवी क नया मामला सामने आ रहा है और हर 7 मिनट में इस्से एक मौत हो रही है। एचपीवी 16 सबसे अधिक कैंसर जनक कारकों में से एक है। एचपीवी 16 और एचपीवी 18 मिलकर वैश्विक स्तर पर महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के 77% मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।”
टीका से सर्वाइकल कैंसर का खतरा 30% तक होगा कम :
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, “यदि सहीं (उम्र 14 वर्ष पूरा हो चूका हो और 15 वर्ष पूरा नहीं हुआ ही) में यह टीका लगवा लिया जाए, तो भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा 30% तक कम हो जाता है।”
डब्ल्यू.एच.ओ. द्वारा प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित :
डॉ. राजीव ने बताया कि, “यह वैक्सीन जिन बालिकाओं का उम्र 14 वर्ष पूरा हो चुका हो और 15 वर्ष पूरा नहीं हुआ हो, के लिए सबसे अधिक प्रभावी है। यह वैक्सीन एक ही बार दिया जाना है और बेटियां जीवन भर गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से सुरक्षित रहेगी। सुरक्षाः यह टीका विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित है।”