
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
मस्तीपुर/पूसा। तीन दिवसीय किसान मेला 2025 में दुग्ध उत्पादों में स्वाद एवं शुद्धता का प्रतीक के रूप में शिवम डेयरी के उत्पादों ने तेजी ग्राहकों को आकर्षित किया है।

बताते चलें कि नाम बडे और दर्शन छोटे की तर्ज पर सुधा के उत्पादों की गुणवत्ता में आयी गिरावट ने शिवम डेयरी सहित अन्य कंपनियों को बाजार में जगह बनाने का अवसर प्रदान किया है। उक्त बातें डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किसान मेले में आये किसानो ने संवाददाता से कही।
जब संवाददाता ने सुधा के स्टॉल पर अपेक्षा शिवम डेयरी एवं अन्य स्टॉलों पर ग्राहकों की भीड होने का कारण जानना चाहा, तो छूटते ही ग्राहकों ने कहा कि सुधा के उत्पादों में गुणवत्ता तो छोडिए स्वाद और शुद्धता की गारण्टी भी नहीं रही। दही में रसायनों का प्रयोग, पनीर एवं मिठाईयों के बिगडे स्वाद इसका प्रमाण है। दरअसल सुधा का सारा ध्यान सिर्फ दूध संग्रहण और विपणन में सिमट कर रह गया है।

इस अवसर मौजूद शिवम डेयरी के मालिक राम सकल सिंह ने बताया कि बाजार में उपलब्ध घी से खुश्बू लुप्त हो रही है। दही में स्वभाविक गुण और स्वाद नहीं रहे। जिस कारण लोग अब घी दही खाने से परहेज करने लगे है। इसलिए बिलकुल घरेलू तकनीक से हम दही तैयार कर लोगों को इनके स्वाद की याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे यहां लकडी की आग पर दूध गर्म कर घरेलू जमावन की सहायता से दही तैयार की जाती है।
श्री सिंह ने बताया कि विमुख हो रहे दही के शौकीनों को फिर से दही खाने की आदत लगाने के उद्देश्य से हम मिट्टी के बर्तन में दही लाये हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल मिट्टी के बर्तन में 250 ग्राम, 500 ग्राम, 1 किलो, 5 किलों एंव 8 किलों के बर्तन में दही उपलब्ध है। श्री सिंह ने कहा कि दही के अलावा घी, मक्खन, मिठाई, छाछ, लस्सी आदि भी अपने वास्तविक स्वाद और गुणवत्ता के कारण ग्राहको को पसंद आ रहे है।
