
प्रखंड में हर घर तक नहीं पहुंच सका नलजल का पानी
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
रत्न शंकर भारद्वाज
Oini 24 विद्यापतिनगर। मुख्यमंत्री नितीश कुमार के महत्वाकांक्षी 7 निश्चय में से एक महत्वपूर्ण योजना हर घर नल का जल योजना की विफलता का आईना है समस्तीपुर स्थित भक्त और भगवान के मिलन का साक्षी विद्यापति नगर प्रखंड। इसके लिए मूल रूप से विभागीय उदासीनता और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। जिसके कारण प्रखंड क्षेत्र में गर्मी की आहट पाते ही पेयजल संकट गहराने लगा है।
ग्रामीणों का कोपभाजन बन रहे जनप्रतिनिधि :
पंचायतों में नलजल की अधूरी व्यवस्था से पीने के पानी के लिए भी लोग परेशान बने है। फ़लतः सुबह उठते ही लोग सारे काम छोड़ पानी की व्यवस्था में जुट जाते हैं। जिसका खामियाजा पंचायत के जनप्रतिनिधियों को भुगतना पर रहा है। जिन्हें आए दिन ग्रामीणों का कोपभाजन बनना पड़ रहा है।
सभी वार्डो में नहीं पहुंच सका पाईप :
बताया गया है कि नलजल द्वारा घर घर पानी पहुचाने की सरकार की कोशिश असफल दिख रही है। नलजल की व्यवस्था पीएचईडी को देने के बाद भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार के बजाए समस्या गंभीर से गम्भीरतर हो गई है। आलम यह है कि प्रखंड के चौदह पंचायत में पानी के लिए पाइप सभी वार्डो में नहीं पहुचने से इस मामूली गर्मी में ही लोग पीने के पानी को लेकर परेशान बने है।
क्या कहते हैं मुखिया जी :
शेरपुर पंचायत के मुखिया राम प्रवेश राय ने बताया कि वार्ड सात में सबकुछ रहते करीब एक हजार लोंगो को पानी नहीं मिलता है जिसके कारण जेब से चापा कल लगवाए है। विभाग ध्यान नहीं देता है।
साहिट मुखिया पति लालबाबू सिंह ने बताया की वार्ड 4, 5 और छह में नलजल का पाइप ही नहीं पहुंचा है। जिस कारण उस वार्ड के करीब दो हजार लोग पानी के लिए परेशान बने है। काम विभाग को करना है। इसी प्रकार गढ़सीसाई पंचायत के वार्ड 5,6 और 7 में करीब ढाई से तीन हजार की अवादी नलजल के पाइप नहीं पहुंचने से पानी के लिए परेशान बने है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष की व्यथा :
भाजपा मंडल अध्यक्ष उत्तरी अविनाश भारद्वाज ने बताया कि विभाग को कहकर थक चुके है लेकिन पेयजल समस्या के सुधार के प्रति नजर नहीं होने से जनप्रतिनिधि तो परेशान है ही आम लोगो में भी क्षोभ व्याप्त है।
ग्रामीण कहते हैं :
वही सिमरी पंचायत के मुखिया पुत्र विजय कुमार ने बताया कि वार्ड 2,6,7,9 और 10, 13 में नलजल की अधूरी व्यवस्था से करीब छह हजार लोग पीने के पानी के लिए परेशान है। और यही स्थिति कमो बेस प्रखंड के अन्य पंचायतों में भी है। जिसको लेकर लोगो में भारी परेशानी है।