
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। ओटीपी, या पिन सहित निजी जानकारी मांगने, या, लालच दे कर क्यू आर कोड स्कैन करने के बहाने ठगी का अंदाज पुराना हो गया। साइबर ठग इतने शातिर हैं कि रोज नए अंदाज में ठगी की घटना को अंजाम दे जाते हैं, और साइबर पुलिस के द्वारा जागरूकता और आम आदमी की सतर्कता धरी की धरी रह जाती है।
ऐसा ही एक मामला मंगलवार को सामने आया जब, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर नक्कू स्थान में एक ठग ने सिर्फ दो कॉल किए और सीएसपी संचालक से दो अलग अलग खातों में 2 लाख रुपए स्थानांतरित करवा लिए।
घटनाक्रम :
इस बाबत मिली जानकारी, किसी दिलचस्प कथानक से कम नहीं है। पुलिस के मुताबिक साइबर फ्रॉड ने पहले नक्कू स्थान स्थित एक रेस्टोरेंट में फोन कर 150 प्लेट भोजन की कीमत पूछी, आर्डर दिया, और एडवांस देने की बात कहकर होटल के पास स्थित एक सीएसपी केंद्र पर बुलाया।
होटल से एक महिला कर्मचारी सीएसपी पहुंच गई। उसी वक्त साइबर ठग ने सीएसपी संचालक को भी फोन किया और कहा कि, “वह जिले से बाहर है और खाते में अविलंब दो लाख रुपये की आवश्यकता है। राशि स्थांतरित करने के बदले कमीशन सहित नगद राशि उसे मिल जाएगी।”
चालाकी यह थी कि, दोनों से अलग–अलग बात करने के बाद ठग ने दोनों को कॉन्फ्रेंस पर जोड़ कर सीएसपी संचालक से कहा कि, “मेरी बहन आपके पास जा रही है, फिलहाल आप पैसे ट्रांसफर कर दीजिए।”
सीएसपी संचालक बाहर खड़ी एक महिला को देख कर आश्वस्त हो गया, इशारा कर उसे अंदर बुलाया और ठग के कहे अनुसार अलग-अलग खातों में करीब दो लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए। जैसे ही रकम स्थानांतरित हुआ, फोन कट गया।
मुझे आर्डर का एडवांस लेने भेजा गया :
सीएसपी संचालक ने महिला से पैसे मांगे तो वह सन्न रह गई। महिला ने साफ कहा कि, “मुझे तो यहां खाने के ऑर्डर का एडवांस लेने के लिए भेजा गया है, कैश ट्रांसफर से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।”
महिला के ऐसा कहते ही सीएसपी संचालक को ठगी का एहसास हुआ। उसने महिला को रोका और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मुफस्सिल थाने की पुलिस ने महिला को थाने ले आई।
थानाध्यक्ष ने कहा, “महिला खुद ठगी की शिकार, पूछताछ के बाद छोड़ा” :
इस संबंध में मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि, “नक्कू स्थान स्थित एक सीएसपी केंद्र से साइबर ठगी की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने शातिर तरीके से फोन कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सीएसपी संचालक से करीब दो लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा लिए हैं।”
“जिस महिला को सीएसपी केंद्र पर पकड़ा गया था, वह भी ठगी का शिकार पाई गई है। इस प्रकरण में उसकी किसी प्रकार की संलिप्तता नहीं पाई गई, इसलिए उसे पूछताछ के उपरांत छोड़ दिया गया है।”
रकम फ्रीज करने की तैयारी :
थानाध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित सीएसपी संचालक से आवेदन प्राप्त होते ही साइबर फ्रॉड से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन खातों में राशि ट्रांसफर की गई है, उनकी जानकारी जुटाकर संबंधित बैंकों से समन्वय कर रकम फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
बिना सत्यापन न करें लेन देन :
उन्होंने आम लोगों और सीएसपी संचालकों से अपील की कि किसी भी अज्ञात कॉल या लालच भरे ऑफर पर बिना सत्यापन के पैसे का लेन-देन न करें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।